Bihar Sharif News : बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में डीएम उदिता सिंह ने शुक्रवार को 12 महत्वपूर्ण मामलों की गहन सुनवाई की. सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि कुछ मामलों का निष्पादन पूर्व में ही संबंधित विभागों द्वारा सुनिश्चित कर दिया गया था, जबकि शेष बचे मामलों में डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए आवश्यक कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए. इस उच्च स्तरीय बैठक में जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे.
बिजली पोल हटाने की शिकायत पर राजगीर के विद्युत अभियंता को निर्देश
परिवादी शिवकांत सिंह की ओर से अपनी जमीन से बिजली का पोल हटाए जाने से उत्पन्न हो रही गंभीर समस्याओं की शिकायत पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया. मामले के त्वरित निष्पादन के लिए कार्यपालक विद्युत अभियंता, विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल (राजगीर) को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया. डीएम ने अधिकारी को शीघ्र स्थलीय जांच कर समस्या का स्थाई समाधान सुनिश्चित करने को कहा है.
जमाबंदी विवाद मामले में बिहारशरीफ डीसीएलआर से मांगी रिपोर्ट
आशुतोष सिंह द्वारा शैल कुमारी देवी के नाम दर्ज जमाबंदी को हटाकर अपने नाम से नई जमाबंदी कायम करने संबंधी शिकायत पर जिलाधिकारी ने विस्तृत सुनवाई की. इस विवादित मामले की वास्तविक वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर), बिहारशरीफ से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.
अतिक्रमण कर सड़क ढलाई मामले का डीएम ने कराया निष्पादन
परिवादी रणजीत सिन्हा ने जलस्रोत (आहर-पईन या पोखर) की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर नगर निगम द्वारा गलत तरीके से सड़क ढलाई कराए जाने की गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी. इस मामले की सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने शिकायत का त्वरित निष्पादन कर दिया. प्रशासन ने सार्वजनिक और सरकारी भूमि की सुरक्षा को लेकर भविष्य में आवश्यक और एहतियाती कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है.
रैयती भूमि पर ट्रांसमिशन विवाद की होगी गहन जांच
रविशंकर कुमार ने अपनी रैयती (निजी) भूमि पर शांतिपूर्ण कब्जे के बीच ट्रांसमिशन कार्य से उत्पन्न हो रही बाधा और विवाद की शिकायत की थी. जिलाधिकारी ने इस संवेदनशील मामले के निष्पादन के लिए कार्यपालक अभियंता, संचरण अवर प्रमंडल (हरनौत) को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जांच के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए.
डीआरडीए निदेशक से मांगी गई रिपोर्ट
अमित कुमार ने पात्रता के बावजूद इंदिरा आवास योजना का आवेदन बिना ठोस कारण के निरस्त किए जाने की शिकायत दर्ज कराई. सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने इस कल्याणकारी योजना से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीआरडीए (जिला ग्रामीण विकास अभिकरण) के निदेशक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. रिपोर्ट के आधार पर आवेदक की पात्रता की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा.
पईन से हटेगा अतिक्रमण
विक्की चौहान ने पईन की सरकारी जमीन से दबंगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर लोक शिकायत दर्ज कराई थी. जल संचयन और सिंचाई के स्रोतों की महत्ता को देखते हुए डीएम ने मामले की जांच के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), बिहारशरीफ से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. रिपोर्ट आने के तुरंत बाद अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
परिमार्जन प्लस आवेदन रिजेक्ट होने की होगी उच्च स्तरीय जांच
द्वारिका पासवान ने तकनीकी प्रक्रिया के तहत परिमार्जन प्लस का आवेदन बिना किसी स्पष्ट आधार के अस्वीकृत (रिजेक्ट) किए जाने के खिलाफ लोक शिकायत दर्ज कराई थी. जिलाधिकारी ने इस राजस्व संबंधी मामले की जांच के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर), बिहारशरीफ से रिपोर्ट मांगी है. जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी.
Nalanda News : शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश
सिविल कुमार ने विभाग द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना और लिखित अनुमति के उनकी निजी भूमि पर तीन बिजली के पोल जबरन गाड़ दिए जाने की शिकायत की. जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए कार्यपालक विद्युत अभियंता, विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल (अस्थावां) को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया. साथ ही संबंधित रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया है.
रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निष्पादन
सत्येंद्र सिंह ने भूमि के निबंधन (रजिस्ट्री) एवं दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) से संबंधित अपनी पेंडिंग शिकायत दर्ज कराई थी. सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने मामले की जटिलता को देखते हुए भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर), राजगीर से जांच रिपोर्ट मांगी है. इस रिपोर्ट के आधार पर ही मामले का अंतिम निष्पादन किया जाएगा.
गलत दाखिल-खारिज मामले में जांच का आदेश
मुकेश कुमार ने अंचल कार्यालय द्वारा गलत तरीके से किसी अन्य के पक्ष में दाखिल-खारिज किए जाने की गंभीर शिकायत की थी. जिलाधिकारी ने भू-राजस्व के इस मामले की जांच के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर), बिहारशरीफ से रिपोर्ट तलब की है. जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
अतिक्रमण हटाने के दो मामलों में कार्रवाई
कृष्ण मोहन कुमार की कब्जा की गई भूमि को भू-माफियाओं से अतिक्रमण मुक्त कराने संबंधी शिकायत का जिलाधिकारी ने त्वरित निष्पादन कर दिया. वहीं दूसरी ओर, शशि भूषण प्रसाद की अतिक्रमण हटाने संबंधी एक अन्य शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), हिलसा से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. जिला प्रशासन ने दोनों ही मामलों में नियमानुसार और न्यायसंगत कार्रवाई का पूरा भरोसा दिया है.
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