बिहारशरीफ व राजगीर बस स्टैंड का होगा आधुनिकीकरण, PPP मॉडल पर विकसित होंगे दो नए बस टर्मिनल

Bihar Sharif News : नालंदा से कई राज्यों के लिए सीधी बस सेवा की तैयारी, बस स्टैंड होंगे अपग्रेड. नीचे पढ़िए विस्तृत खबर.

बिहारशरीफ से कंचन की रिपोर्ट
Bihar Sharif News : नालंदा जिले के लिए परिवहन व्यवस्था के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने जा रही है. राज्य सरकार ने पूरे बिहार में छह अत्याधुनिक अंतरराज्यीय बस टर्मिनल विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है. खास बात यह है कि इन छह परियोजनाओं में अकेले नालंदा जिले के दो बस स्टैंड शामिल किए गए हैं. इनमें बिहारशरीफ का सरकारी बस स्टैंड तथा राजगीर बस डिपो का चयन किया गया है. दोनों बस टर्मिनलों का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर किया जाएगा. इन आधुनिक बस टर्मिनलों के निर्माण के बाद नालंदा से झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा तथा उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के प्रमुख शहरों के लिए सीधी बस सेवा उपलब्ध कराने की योजना है.

बस स्टैंड के लिए कॉन्सेप्चुअल प्लान तैयार होगा

इसके साथ ही जिले की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के निर्देश पर पीपीपी की टीम ने बिहारशरीफ और राजगीर बस डिपो का स्थल निरीक्षण एवं भूमि की मापी शुरू कर दी है. टीम दोनों स्थलों का टोपोग्राफिकल सर्वे और कॉन्सेप्चुअल प्लान तैयार करेगी. राज्य स्तर पर जिन छह शहरों को इस परियोजना के पहले चरण में प्राथमिकता दी गई है, उनमें बिहारशरीफ, मोतिहारी, छपरा, सीतामढ़ी, राजगीर और तारापुर (मुंगेर) शामिल हैं. सर्वेक्षण से पहले संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी चयनित स्थलों को साफ-सुथरा, अतिक्रमणमुक्त एवं सर्वेक्षण के लिए पूरी तरह सुलभ रखा जाए, ताकि सर्वे कार्य बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके.

सर्वे करती पटना की टीम

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन पर रहेगा विशेष जोर

सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों को आधुनिक परिवहन सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा. यहां से भविष्य में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी. यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक प्रतीक्षालय, शुद्ध पेयजल, आधुनिक शौचालय, पर्याप्त पार्किंग, डिजिटल सूचना प्रणाली, टिकट काउंटर, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी तथा अन्य यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी.

बिहारशरीफ बस स्टैंड से प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन

शहर के बीचोंबीच स्थित लगभग 3.73 एकड़ क्षेत्रफल वाले सरकारी बस डिपो से प्रतिदिन सुबह 4:45 बजे से रात 9:00 बजे तक करीब 40 सरकारी बसों का संचालन होता है. यहां से पटना, जमुई, राजगीर, बाढ़, बरबीघा और दनियावां सहित विभिन्न मार्गों पर नियमित बस सेवा उपलब्ध है. सबसे अधिक यात्री पटना मार्ग पर सफर करते हैं. प्रतिदिन औसतन 1500 से 1600 यात्री बिहारशरीफ से पटना के लिए बस सेवा का उपयोग करते हैं. इसके अलावा जमुई के लिए प्रतिदिन लगभग 35 से 40, बाढ़ के लिए 20 से 25, बरबीघा के लिए 18 से 20 तथा दनियावां के लिए 15 से 20 यात्री यात्रा करते हैं.

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40 बसों में सात इलेक्ट्रिक बसें भी चल रहीं

वर्तमान में बिहारशरीफ सरकारी बस डिपो से संचालित लगभग 40 बसों में सात पूरी तरह वातानुकूलित (एसी) इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं. इन बसों के संचालन से यात्रियों को बेहतर और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा मिल रही है. माना जा रहा है कि नए अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनने के बाद इलेक्ट्रिक बसों की संख्या और लंबी दूरी के मार्गों पर संचालन में भी वृद्धि होगी.

सर्वे करती पटना की टीम

सर्वे के बाद तैयार होगा मास्टर प्लान

परिवहन विभाग ने सर्वेक्षण के साथ-साथ बस डिपो की वर्तमान स्थिति, भूमि की उपलब्धता, यात्री संख्या, बस संचालन, भविष्य की संभावनाओं तथा आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का विस्तृत विवरण भी मांगा है. इसके लिए बस डिपो प्रशासन को कई बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है. सर्वे रिपोर्ट और तकनीकी अध्ययन के आधार पर यह तय किया जाएगा कि नए बस टर्मिनल का स्वरूप कैसा होगा, कितने प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, पार्किंग की क्षमता कितनी होगी तथा भविष्य में किन-किन राज्यों के लिए बस सेवाओं का विस्तार किया जाएगा.

क्या कहते हैं बस डिपो अधीक्षक

बिहारशरीफ बस डिपो के अधीक्षक राज प्रकाश सिंह ने बताया कि पटना से आई तकनीकी टीम ने बिहारशरीफ और राजगीर बस डिपो की भूमि का सर्वेक्षण एवं मापी का कार्य किया है. उन्होंने कहा कि दोनों परियोजनाएं पीपीपी मॉडल पर विकसित की जाएंगी. विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रारूप के अनुसार विस्तृत जानकारी तैयार कर परिवहन विभाग को भेजी जा रही है. विभाग से आगे जो दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुरूप आगामी कार्रवाई की जाएगी.

परिवहन व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव

विशेषज्ञों का मानना है कि बिहारशरीफ और राजगीर में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनने से न केवल नालंदा जिले की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को भी नई गति मिलेगी. विशेष रूप से विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान रखने वाले राजगीर तथा तेजी से विकसित हो रहे बिहारशरीफ को आधुनिक बस टर्मिनल मिलने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और जिले की परिवहन व्यवस्था राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप विकसित हो सकेगी.

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By Yuvraj Ratan

पटना जन्मस्थली है मेरी, निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जनहित आधारित पत्रकारिता में विश्वास करता हूं. वर्तमान में मेरा उद्देश्य बिहार के स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाना और पाठकों तक सत्यापित जानकारी पहुंचाना है. किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले उपलब्ध तथ्यों और स्रोतों का सत्यापन करना मेरी प्राथमिकता है. पाठकों को विश्वसनीय, निष्पक्ष और जनहितकारी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हूं.

प्राथमिक शिक्षा संत जेवियर्स हाई स्कूल, पटना से पूरी करने के बाद संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नॉलजी से बैचलर्स ऑफ मास कम्यूनिकेशन से स्नातक किया हूं. 2020 से पटना स्थित मीडिया संस्थान न्यूज 4 नेशन में एंकर सह प्रोड्यूसर के पद पर डेढ़ वर्षों तक काम किया. इसके उपरांत जून 2022 से इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर रहते हुए डिजिटल कम्यूनिकेशन टीम में कार्य करने का मौका मिला. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के पद पर हूं इसके माध्यम से नागरिकों के पास तथ्यात्मक और सही सूचनाएँ, खबर और अपडेट देने का कार्य कर रहा हूं.

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