मासूम जनसुराज मांझी को उठा ले गया था बदमाश, नालंदा पुलिस ने दो दिन में किया बरामद

Bihar Sharif News: नालंदा के छबिलापुर थाना क्षेत्र से अपहृत आठ माह के मासूम जनसुराज मांझी को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया. मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस जांच में शादी का झांसा देकर दिव्यांग युवक से बच्चे का अपहरण कराए जाने का खुलासा हुआ है.

नालंदा (बिहारशरीफ) से रामविलास की रिपोर्ट
Bihar Sharif News : छबिलापुर थाना क्षेत्र के कंचनपुर गांव से रहस्यमय परिस्थितियों में अपहृत आठ माह के मासूम जनसुराज मांझी को नालंदा पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर सनसनीखेज मामले का खुलासा कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शादी का झांसा देकर एक दिव्यांग युवक से मासूम का अपहरण किया था. राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि 26 जून की रात करीब एक बजे कंचनपुर निवासी महेश मांझी का आठ माह का पुत्र जनसुराज मांझी अपने माता-पिता के साथ घर के बाहर सो रहा था. बताते चलें कि जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर से प्रभावित होकर परिजनों ने अपने बेटे का नाम ‘जनसुराज मांझी’ रखा है.

विशेष टीम ने 48 घंटे में मासूम को किया बरामद

देर रात जब पिता की नींद खुली तो मासूम बगल से गायब था. परिजनों ने रातभर गांव और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद महेश मांझी के आवेदन पर छबिलापुर थाना में कांड संख्या 109/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भारत सोनी के निर्देश पर डीएसपी राजगीर के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई. टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, मानवीय सूचना तंत्र और लगातार छापेमारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव के खंधा से अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है. उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है. मासूम के सुरक्षित मिलने से परिवार और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है.

परिजनों के साथ बच्चे की तस्वीर

धर्मेन्द्र कुमार की निशानदेही पर मिला मासूम, पुलिस ने खोला अपहरण का राज

जांच के दौरान पुलिस ने कंचनपुर निवासी 30 वर्षीय धर्मेन्द्र कुमार और मिन्टू देवी को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में दोनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है. डीएसपी ने बताया कि धर्मेन्द्र कुमार की निशानदेही पर ही मासूम की बरामदगी संभव हो सकी है. पुलिस जांच में सामने आया कि धर्मेन्द्र कुमार दिव्यांग है. उसकी अभी तक शादी नहीं हुई है. आरोप है कि मिन्टू देवी ने उससे शादी कराने का भरोसा दिलाया था. बदले में उसने शर्त रखी कि वह किसी घर से एक बच्चा उठाकर उसे सौंप दे. योजना के तहत अपहरण के बाद बच्चे को मिन्टू देवी के एक परिवार तक पहुंचाया जाना था.

बच्चे को गांव के खंधा में छोड़कर फरार हो गए थे आरोपी

हालांकि पुलिस की लगातार दबिश और सक्रियता के कारण आरोपित घबरा गया और बच्चे को गांव के खंधा में छोड़कर फरार हो गए. बाद में पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया है. इस पूरे अभियान में पुलिस निरीक्षक संजय कुमार, राजगीर थानाध्यक्ष रमण कुमार, डीआईयू पुलिस निरीक्षक आलोक कुमार, छबिलापुर थानाध्यक्ष अनोज कुमार पाठक, अवर निरीक्षक उत्तम कुमार झा, सहायक अवर निरीक्षक राजेश कुमार तथा छबिलापुर थाना के सशस्त्र बल की अहम भूमिका रही. पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है. डीएसपी ने कहा कि यदि इस साजिश में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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Published by: Yuvraj Ratan

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