बिहारशरीफ से कंचन कुमार की रिपोर्ट
Bihar Ration Card: नालंदा जिले में राशन कार्डधारियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है, लेकिन अब भी 4 लाख 14 हजार 917 लाभुकों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है. जिले में कुल 23 लाख 65 हजार 346 लाभुकों में से अब तक 19 लाख 50 हजार 429 लोगों का ही ई-केवाईसी हो सका है. निर्धारित समय सीमा 30 जून 2026 तक प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर इन लाभुकों का मुफ्त राशन बंद हो सकता है.
बार-बार बढ़ी समय सीमा-फिर भी पीछे हैं लाखों लाभुक
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा ई-केवाईसी के लिए दिसंबर 2025 में विशेष अभियान चलाया गया था. इसके बाद फरवरी, मार्च, अप्रैल और जून 2026 तक कई बार अंतिम तिथि बढ़ाई गई, लेकिन बड़ी संख्या में लाभुक अब भी प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके हैं. प्रशासन ने 30 जून को अंतिम मौका बताते हुए सभी कार्डधारियों से जल्द ई-केवाईसी कराने की अपील की है.
जिले के 17 प्रतिशत लाभुक अब भी ई-केवाईसी से वंचित
जिले के कुल लाभुकों में लगभग 17 प्रतिशत लोग अब तक ई-केवाईसी नहीं करा पाए हैं. बिहारशरीफ, हरनौत, करायपरसुराय और नगरनौसा जैसे प्रखंडों में 80 प्रतिशत से कम लाभुकों का ही सत्यापन हो पाया है. वहीं परवलपुर, बेन, नूरसराय और चंडी प्रखंड ई-केवाईसी के मामले में बेहतर प्रदर्शन करने वालों में शामिल हैं.
फर्जी लाभुकों पर रोक और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जरूरी है ई-केवाईसी
प्रशासन के अनुसार ई-केवाईसी का उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है. इससे फर्जी एवं डुप्लीकेट लाभुकों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाया जा सकेगा. साथ ही आधार से लिंक होने के कारण वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना को भी मजबूती मिलेगी और पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचेगा.
डीलर या मोबाइल ऐप से करा सकते हैं सत्यापन
जिला आपूर्ति पदाधिकारी सोमनाथ सिंह ने बताया कि लाभुक अपने नजदीकी जनवितरण प्रणाली विक्रेता के पास जाकर फिंगरप्रिंट के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकते हैं. इसके अलावा मोबाइल ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा भी उपलब्ध है. निर्धारित तिथि तक प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर राशन कार्ड से नाम हटाने की कार्रवाई की जा सकती है.
बिहारशरीफ में सबसे अधिक, परवलपुर में सबसे कम लंबित मामले
प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार बिहारशरीफ में सबसे अधिक 83 हजार 18 लाभुकों का ई-केवाईसी लंबित है. इसके बाद हरनौत में 31 हजार 390 और इस्लामपुर में 26 हजार 785 लाभुकों का सत्यापन बाकी है. दूसरी ओर परवलपुर में केवल 6 हजार 991 तथा कतरीसराय में 5 हजार 173 लाभुकों का ई-केवाईसी लंबित है.
मृत लाभुकों के नाम हटाने की कार्रवाई भी तेज
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान भी चलाया जा रहा है. नवंबर 2025 की रिपोर्ट के आधार पर चिन्हित 29 हजार 732 मृत राशन कार्डधारियों में से करीब 90 प्रतिशत के नाम हटाए जा चुके हैं या प्रक्रिया में हैं. जिला प्रशासन के अनुसार राजगीर और बिहारशरीफ अनुमंडल में यह कार्य लगभग पूरा हो चुका है.
फर्जी नाम हटाकर पात्र लोगों तक पहुंचेगा राशन
प्रशासन का कहना है कि मृत और अपात्र लाभुकों के नाम हटाने से वास्तविक जरूरतमंद लोगों को योजनाओं का लाभ मिलेगा. बिहारशरीफ प्रखंड में सबसे अधिक 4 हजार 426 मृत लाभुकों की पहचान की गई है, जबकि कतरीसराय में यह संख्या सबसे कम 463 है. अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने और शेष मामलों का जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया गया है.
