Bihar Police Academy Rajgir : बिहार पुलिस अकादमी पुलिस प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और व्यावसायिक दक्षता के क्षेत्र में देश के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी है. अविभाजित बिहार में सीधे नियुक्त पुलिस उपाधीक्षकों एवं पुलिस अवर निरीक्षकों का प्रशिक्षण पीटीसी हजारीबाग में पहले कराया जाता था.
बिहार विभाजन के बाद बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर का सृजन किया गया. शुरुआती दौर में अकादमी का प्रशासनिक कार्यालय पटना में तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम सीटीएस नाथनगर, भागलपुर से संचालित हुआ.
इसके बाद 3 दिसंबर 2018 से राजगीर परिसर में अकादमी पूर्ण रूप से कार्यरत हो गई. करीब 133 एकड़ में फैले परिसर का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा हरित क्षेत्र है. अकादमी के विकास में अमरीक सिंह निम्ब्रान, वी. नारायणन, कृष्णा चौधरी, सुनीत कुमार, के.एस. द्विवेदी, सुनील कुमार, गुप्तेश्वर पाण्डेय, आलोक राज और भृगु श्रीनिवासन सहित पूर्व निदेशकों का उल्लेखनीय योगदान रहा है.
आधुनिक सुविधाएं और 11,384 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण
वर्तमान में अकादमी में करीब 1500 प्रशिक्षुओं के लिए 577 कमरों वाला छात्रावास उपलब्ध है. विषयगत प्रशिक्षण के लिए 24 कक्षों में इंटरएक्टिव पैनल तथा ई-लाइब्रेरी की सुविधा है. सीसीटीएनएस एवं कंप्यूटर प्रशिक्षण के लिए एक सीसीटीएनएस और तीन कंप्यूटर कक्ष भी हैं.
प्रशिक्षुओं के लिए जिम्नेजियम, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हैंडबॉल, बास्केटबॉल, इंडोर बैडमिंटन, टेबल टेनिस, वॉल क्लाइंबिंग, स्वीमिंग पूल, हॉर्स राइडिंग एरिना और फायरिंग सिम्युलेटर जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं. स्थापना काल से अब तक अकादमी में विभिन्न संवर्गों के 11,384 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है.
इनमें बिहार पुलिस सेवा, पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस अवर निरीक्षक सहित अन्य पदों के अधिकारी-कर्मी शामिल हैं. झारखंड पुलिस सेवा के एक डीएसपी और चार पुलिस अवर निरीक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया गया है.
वर्तमान में बिहार पुलिस सेवा के सीधे नियुक्त 105 पुलिस पदाधिकारियों का आईएसटीपी-1 प्रशिक्षण चल रहा है.
राष्ट्रीय पुरस्कार, प्रतिष्ठित संस्थानों से एमओयू और उन्नत प्रशिक्षण
प्रशिक्षण क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए अकादमी को केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा वर्ष 2020-21 में पूर्वी क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ पुलिस प्रशिक्षण संस्थान तथा वर्ष 2021-22 में पुलिस उपाधीक्षकों के प्रशिक्षण के लिए सर्वश्रेष्ठ संस्थान का पुरस्कार मिल चुका है.
अकादमी के प्रशिक्षुओं को तेलंगाना राज्य पुलिस अकादमी, हैदराबाद, नेपा मेघालय, नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी गांधीनगर, ग्रेहाउंड्स हैदराबाद और सीएपीटी भोपाल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी प्रशिक्षण दिया जाता है. आईआईएम, बोधगया और एनआईईएलआईटी, पटना के साथ एमओयू किया गया है. अकादमी परिसर में अस्पताल, आवासीय सुविधा, कैंटीन, वाई-फाई, लैन, सीसीटीएनएस रीजनल ट्रेनिंग सेंटर, आईईडी लैब और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी कार्यरत है.
रचनात्मक पत्रिका 'बढ़ते कदम' और सामाजिक सरोकार
प्रशिक्षुओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के लिए मासिक पत्रिका 'बढ़ते कदम' प्रकाशित होती है. सामाजिक सरोकारों के तहत अकादमी में किंडरगार्टन विद्यालय भी संचालित है, जहां 114 बच्चे अध्ययनरत हैं.
इनमें 27 बीपीएल परिवारों के बच्चों को स्कूल ड्रेस, भोजन, बस सेवा, पुस्तक-कॉपी और चिकित्सीय सहायता निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है. इस प्रकार बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर प्रशिक्षण के साथ तकनीक, अनुशासन, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी का भी उदाहरण प्रस्तुत कर रही है.
