सेना के जवान का पार्थिव शरीर पहुंचते ही उमड़े लोग

स्थानीय प्रखंड के उतरथु गांव गांव निवासी भारतीय सेना का जवान सिकंदर राउत के पार्थिव शरीर पहुंचते ही लोग रो पड़े. सेना के जवान कि अंतिम दर्शन करने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.

बिंद. स्थानीय प्रखंड के उतरथु गांव गांव निवासी भारतीय सेना का जवान सिकंदर राउत के पार्थिव शरीर पहुंचते ही लोग रो पड़े. सेना के जवान कि अंतिम दर्शन करने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. हाथ में तिरंगा लिए लोगों की भीड़ भारत माता कि जय के नारे लगाते रहे. जवान का पार्थिव शरीर देखकर लोगों की आंखें नम थी, लेकिन लोगों को गर्व भी था कि उतरथु गांव का लाल देश की रक्षा करते हुए उनकी मौत हो गया. जवान का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही पत्नी, बच्चे, पिता, भाई व रिश्तेदारों कि चीख पुकार से वातावरण गमगीन हो गया. पत्नी बेसूध होकर गिर पड़ी. गांव का माहौल काफी गमगीन हो गया. जवान के पार्थिव शरीर को लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया. विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मृतक सेना के जवान के स्वजन को फोनकर हालचाल जाना. जवान के परिजन को हर संभव सहायता करने की बात कही. ग्रामीणों ने बताया कि जवान 2011 में आर्मी में ज्वाइन किया था. सिकंदर राउत जम्मू कश्मीर में पदस्थापित थे. बिहार रेजिमेंट के जवान सिकंदर राउत की मौत हो गई थी. मंगलवार को मृतक जवान कि पत्नी बेबी देवी की मोबाइल पर घटना की जानकारी मिली. खबर मिलने के बाद स्वजन व गांव में कोहराम मच गया. जवान कि एक दशक पहले नीमि अंवारी गांव में शादी हुई थी. जवान के दो बच्चे हैं. एक बच्चा सात साल का है, तो दूसरा बच्चा पांच साल का है. जवान दो भाइयों में छोटा था. जवान के गांव पहुंचकर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण श्रवण कुमार, विधायक डॉ जितेन्द्र कुमार, डीएम शशांक शुभंकर, एसपी भारत सोनी, एसडीओ बैभव नितिन काजले, बीडीओ जफरूद्दीन, सीओ रामायण कुमार, थानाध्यक्ष चंदन कुमार सिंह, प्रमुख टूनो देवी, ललित माहतों, मुखिया उमेश राउत, आजाद कुमार मुन्ना समेत कई अन्य जनप्रतिनिधियों ने जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. जवान का पार्थिव शरीर को बाढ़ उमानाथ घाट पर अंतिम संस्कार किया गया. मृतक सिकंदर राउत कि पत्नी को अपने पति कि शहादत होने पर दुख व गम दोनों है. लेकिन गर्व भी है कि देश कि रक्षा करते हुए उनके पति ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिया. यह गौरव कि बात है. भाई संजय राउत ने कहा कि यदि मौका मिला तो हम भी देश कि सेवा करने के लिए सेना में जाने को तैयार हैं. वही पिता प्रताप राउत ने कहा कि भगवान ने हमारे बुढ़ापे की लाठी छीन लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Santosh kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >