पीएम आवास योजना में मनमानी का आरोप

प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी गरीबों को छत देने वाली महत्वाकांक्षी योजना हिलसा में कथित तौर पर कमीशनखोरी की भेंट चढ़ती नजर आ रही है.

हिलसा. प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी गरीबों को छत देने वाली महत्वाकांक्षी योजना हिलसा में कथित तौर पर कमीशनखोरी की भेंट चढ़ती नजर आ रही है. हिलसा नगर परिषद के वार्ड संख्या 10 से सामने आए ताजा मामले ने एक बार फिर आवास योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार और दबाव की पोल खोल दी है. योजना के एक लाभुक ने वार्ड पार्षद पर कमीशन नहीं देने पर आवास निर्माण कार्य रुकवाने तथा मारपीट करने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है. पीड़ित लाभुक सुमन्ता देवी ने गुरुवार को अनुमंडल पदाधिकारी हिलसा के कार्यालय में लिखित आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है. लाभुक का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर निर्माण की स्वीकृति मिलने के उससे कथित तौर पर मोटी कमीशन राशि की मांग की गई. राशि नहीं देने पर वार्ड पार्षद द्वारा निर्माण स्थल पर पहुंचकर काम रुकवा दिया गया और खुलेआम धमकी दी गई. इस घटना से लाभुक और उसका परिवार दहशत में है. लाभुक सुमन्ता देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति मिलने के बाद प्रथम क़िस्त की राशि खाते में आया उसके बाद घर का निर्माण कार्य करा रहे थे. वीते 29 दिसम्बर को घर का कार्य स्थल पर वार्ड पार्षद पहुचे और योजना के एवज में 30 हजार रुपया कमीशन देने की बात कही. जिसपर लाभुक पार्षद के आगे हाथ जोड़कर कहा मालिक सरकार से मिले राशि के अलावे इधर उधर से कर्ज लेकर घर का निर्माण करा रहे है अभी लिंटर तक पहुचा है आगे घर कैसे बनेगा आप थोड़ा गरीबो पर रहम कर दीजिए. इतना सुनते ही पार्षद अभद्र व्यवहार करने के साथ निर्माण कार्य मे लगे लेबर मिस्त्री को भगा दिया गया. कहा कि जब तक पैसा नही मिलेगा तब तक घर का सपना पूरा होना तो दूर जहाँ जाकर शिकायत करना है करो हमे कोई फर्क पड़ने बाला नही है. काम बंद होने से लाभुक को हजारों रुपए का घर निर्माण के लिए बना मटेरियल बर्बाद हो गया. इतना ही नही गुरुवार को भी कमीशन की राशि के लिए पार्षद तगादा करने के लिए घर पर पहुच गया और कहा कि निर्माण स्थल पर बने मटेरियल को हटा लो इस पर दोनो में बकझक भी हुआ. हालांकि वार्ड पार्षद ने यह कहते हुए आरोप को खरिज कर दिया कि कमीशन मांगने और दुर्व्यवहार का आरोप बेबुनियाद है. घर निर्माण के लिए सड़क पर लाभुक को द्वारा मटेरियल बनाए एव रखने से मना किया था ताकि लोगो को आवागमन में कोई दिक्कत न हो.

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By SANTOSH KUMAR SINGH

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