नालंदा के बाल संस्थानों में बच्चों का होगा आधार पंजीकरण, परिवार में पुनर्स्थापन की प्रक्रिया होगी आसान

बिहार के बाल देखरेख संस्थानों में रह रहे बच्चों का शत-प्रतिशत आधार पंजीकरण अनिवार्य, समाज कल्याण विभाग ने जारी किए निर्देश.

Children Aadhar Process : नालंदा जिले के दत्तक ग्रहण संस्थान समेत सभी बाल देखरेख संस्थानों में रह रहे बच्चों का अब शत-प्रतिशत आधार पंजीकरण कराया जाएगा. समाज कल्याण विभाग और राज्य बाल संरक्षण समिति ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया है. यह कदम सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत उठाया जा रहा है. विभाग का उद्देश्य बच्चों की पहचान और उनके अभिलेखों का सही तरीके से सत्यापन करने के साथ परिवार में पुनर्स्थापन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है.

पंजीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने का आदेश

निर्देश के अनुसार, जिन बच्चों का अभी तक आधार कार्ड नहीं बना है, उनके पंजीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने को कहा गया है. आधार बनवाने के दौरान किसी तरह की तकनीकी परेशानी आने पर संबंधित बच्चों की पावती संख्या उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है. इससे पहले से बने आधार से जुड़े मामलों की जांच और जरूरी सुधार कराने में मदद मिलेगी.

नोडल पदाधिकारी के साथ समन्वय कर सुलझाई जाएंगी समस्याएं

नालंदा के विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में आधार से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नामित नोडल पदाधिकारी से समन्वय करने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने आधार पंजीकरण के दौरान सामने आने वाली तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए विशेष व्यवस्था की है.

पूर्व में आधार बनने के कारण किसी बच्चे के रिकॉर्ड में तकनीकी त्रुटि या अन्य समस्या सामने आती है, तो उसके समाधान की प्रक्रिया नोडल पदाधिकारी की निगरानी में होगी. इसके लिए संयुक्त निदेशक धर्मवीर सिंह को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. वह भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI के बिहार कार्यालय के साथ समन्वय कर ऐसे मामलों का समाधान कराने की प्रक्रिया देखेंगे.

जिला बाल संरक्षण इकाई को मिली जिम्मेदारी

समाज कल्याण विभाग की निदेशक चन्द्रिमा अत्री ने नालंदा जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक को दत्तक ग्रहण संस्थान में आवासित बच्चों का शत-प्रतिशत आधार पंजीकरण सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी है.

अधिकारियों को केवल आधार बनवाने तक सीमित नहीं रहने, बल्कि लंबित मामलों की नियमित निगरानी करने और जहां जरूरत हो वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया है. इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसी बच्चे का आधार पंजीकरण तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से लंबे समय तक लंबित न रहे.

परिवार में पुनर्स्थापन में मिलेगी मदद

समाज कल्याण विभाग का मानना है कि बच्चों का आधार प्रमाणीकरण पूरा होने से उनकी पहचान और अभिलेखों का सत्यापन अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा. इससे बच्चों से जुड़े रिकॉर्ड को सही रखने में मदद मिलेगी और जरूरत पड़ने पर उनके परिवार की पहचान करने की प्रक्रिया भी आसान होगी.

विभाग के अनुसार, पात्र बच्चों को उनके परिवार से दोबारा मिलाने या उन्हें सुरक्षित तरीके से समाज में पुनर्स्थापित करने की प्रक्रिया में भी आधार प्रमाणीकरण उपयोगी साबित हो सकता है. मिशन वात्सल्य के तहत बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

जिलाधिकारी और बाल कल्याण समिति को भी दी गयी जानकारी

राज्य बाल संरक्षण समिति की ओर से नालंदा के जिलाधिकारी के साथ बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और सदस्यों को भी आदेश की प्रतिलिपि भेजी गयी है. उन्हें जिले के बाल देखरेख और दत्तक ग्रहण संस्थानों में आधार पंजीकरण की प्रक्रिया पर नजर रखने को कहा गया है.

अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि संस्थानों में रहने वाला कोई भी बच्चा आधार पंजीकरण से वंचित न रहे. साथ ही जिन मामलों में पहले से बने आधार को लेकर तकनीकी समस्या है, उनका भी समय पर समाधान कराया जाए.

UIDAI से किया जाएगा समन्वय

आधार पंजीकरण या पुराने आधार से जुड़े मामलों में यदि तकनीकी समस्या आती है, तो राज्य स्तर से भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के बिहार कार्यालय से संपर्क किया जाएगा. संबंधित मामलों को पत्राचार के माध्यम से भेजकर आवश्यक सुधार और सत्यापन कराने की प्रक्रिया अपनायी जाएगी.

फिलहाल विभाग ने जिला स्तर के अधिकारियों को इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी दी है. शत-प्रतिशत आधार पंजीकरण पूरा होने के बाद बाल देखरेख संस्थानों में रह रहे बच्चों के रिकॉर्ड अधिक व्यवस्थित हो सकेंगे. साथ ही परिवार में पुनर्मिलन और सुरक्षित पुनर्स्थापन से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाने में भी प्रशासन को मदद मिलने की उम्मीद है.



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लेखक के बारे में

By कंचन कुमार

कंचन कुमार वर्ष 2009 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उत्तराखंड से शुरुआत करने के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पटना, नवादा और बिहारशरीफ में विभिन्न मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया. पिछले 12 वर्षों से प्रभात खबर बिहारशरीफ कार्यालय में नालंदा जिला रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं. जिला प्रशासन, खोजी एवं विशेष रिपोर्ट, जमीनी पड़ताल, विकास, जनसरोकार के मुद्दों तथा लोकसभा और विधानसभा चुनावों के गहन विश्लेषण के लिए उनकी विशेष पहचान है.

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