मत्स्य क्लस्टर विकास पर हुआ कार्यशाला

बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ द्वारा मोहनपुर मत्स्य हैचरी में नालंदा जिले में मत्स्य क्लस्टर विकास पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.

बिहारशरीफ. बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ द्वारा मोहनपुर मत्स्य हैचरी में नालंदा जिले में मत्स्य क्लस्टर विकास पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का उद्घाटन जिला विकास प्रबंधक, नालंदा अमृत कुमार वर्णवाल व माेहनपुर मत्स्य हैचरी नालंदा के संचालक शिवनंदन प्रसाद उर्फ शिव जी ने किया. उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण विकास का एक मजबूत साधन है और सहकारी समितियों, प्रशासन एवं तकनीकी संस्थानों के समन्वय से नालंदा जिला राज्य स्तर पर एक उदाहरण बन सकता है. कार्यक्रम में कॉफ्फेड के प्रबंध निदेशक ऋषिकेश कश्यप ने क्लस्टर आधारित विकास मॉडल पर प्रकाश डाला और बताया कि इससे मछुआरों को उन्नत तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, संतुलित आहार, कोल्ड चेन, मार्केटिंग सुविधा जैसे लाभ मिलेंगे. उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, फिश फार्मर्स प्रोड्यूसर कम्पनी समेत कई योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया और मछुआरों को इनसे जुड़ने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉफ्फेड के निदेशक शिवनंदन प्रसाद ने सहकारी समितियों को योजनाओं का लाभ लेने और उत्पादन बढ़ाने की अपील की. इस मौके पर सिलाव प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति में कॉमन सर्विस सेंटर की शुरुआत की गई. कार्यक्रम में 35 से अधिक प्रखंड मत्स्य सहयोग समितियों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और मत्स्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. कॉफ्फेड की निदेशक सुश्री सिमरन ने कार्यशाला के महत्व को रेखांकित किया और इसे बिहार में मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया. कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिनमें राज कुमार केवट, लक्ष्मण सहनी, विरेश केवट समेत अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल थीं.

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By SANTOSH KUMAR SINGH

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