नालंदा विश्वविद्यालय में 300 पौधे लगाये गये

नालंदा विश्वविद्यालय में 30 नवंबर को नवनिर्मित लाइब्रेरी परिसर में सामूहिक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.

राजगीर. नालंदा विश्वविद्यालय में 30 नवंबर को नवनिर्मित लाइब्रेरी परिसर में सामूहिक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. विश्वविद्यालय ने इस परिसर में दो हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. रविवार को छात्रों ने लगभग 300 पौधे लगाकर इस अभियान की शुरुआत की. विभिन्न देशों और स्कूलों के विद्यार्थियों ने निर्धारित ग्रीन ज़ोन में एकजुट होकर पौधे लगाए, जिससे पर्यावरणीय चेतना और प्रकृति से जुड़ाव के प्रति उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट हुई. अभियान में आम, अमरूद, चीकू, सफेदा जैसे फलदार पेड़ लगाए गए ताकि परिसर में भविष्य में एक समृद्ध फल बगीचा विकसित हो सके. साथ ही औषधीय पौधे, छायादार वृक्ष और स्थानीय प्रजातियों के पौधे भी रोपे गए. लाइब्रेरी परिसर के आसपास लैंडस्केपिंग का कार्य जारी है, जिससे यह क्षेत्र पक्षियों और अन्य जीवों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक आवास बनेगा. विश्वविद्यालय का लक्ष्य इस परिसर को प्राचीन नालंदा लाइब्रेरी की विरासत से प्रेरित एक हरित और सौंदर्यपूर्ण क्षेत्र के रूप में विकसित करना है. इस अवसर पर कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी ने छात्रों के उत्साह की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी पहलें परिसर के पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के साथ-साथ छात्रों में पर्यावरण संरक्षण की नैतिक जिम्मेदारी को भी मजबूत करती हैं. उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण स्वच्छ हवा और सतत भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह अभियान नालंदा विश्वविद्यालय की उस व्यापक सोच का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत पूरे कैंपस में सतत, पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को अपनाया जा रहा है. विश्वविद्यालय का परिसर नेट ज़ीरो ऊर्जा, जल, अपशिष्ट और कार्बन प्रबंधन प्रणालियों पर आधारित एक जीवंत प्रयोगशाला के रूप में विकसित किया जा रहा है.

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