नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ के लहेरी थाना क्षेत्र अंतर्गत रामचंद्रपुर स्थित बाजार समिति प्रांगण में शुक्रवार की सुबह बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. बाजार समिति परिसर के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट (11 KV) की हाईटेंशन विद्युत तार अचानक टूटकर सामान लोड कर रहे एक पिकअप वाहन पर जा गिरी. वाहन में करंट प्रवाहित होते ही उस पर मौजूद फल-सब्जी कारोबारी बुरी तरह झुलस गया. इस अप्रत्याशित घटना के बाद पूरे परिसर में भगदड़ और अफरातफरी मच गई.
सामान लोड करते समय करंट की चपेट में आए कारोबारी
घायल कारोबारी की पहचान रहुई थाना क्षेत्र के ग्राम पुंहा निवासी शिवकुमार मालाकार के रूप में हुई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवकुमार रहुई बाजार में फल और सब्जी का खुदरा कारोबार करते हैं और रोजाना की तरह अपने साथियों के साथ थोक खरीदारी करने रामचंद्रपुर बाजार समिति पहुंचे थे. माल की खरीदारी पूरी करने के बाद वह पिकअप वाहन पर फल-सब्जियों की बोरियां लोड कर रहे थे. इसी दौरान ऊपर से गुजर रहा 11 हजार वोल्ट का जर्जर तार टूटकर सीधे पिकअप पर आ गिरा, जिससे वाहन में तेज करंट दौड़ गया और शिवकुमार उसकी चपेट में आ गए.
सदर अस्पताल में भर्ती, खतरे से बाहर हालत
तार गिरते ही मौके पर मौजूद अन्य व्यापारियों और वाहन चालकों ने अदम्य साहस दिखाते हुए किसी तरह लकड़ी और डंडों के सहारे शिवकुमार को करंट के दायरे से बाहर खींचा. गनीमत रही कि आसपास मौजूद दर्जनों पल्लेदार व ग्राहक करंट के संपर्क में आने से बाल-बाल बच गए. स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में झुलसे कारोबारी को इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका आपातकालीन उपचार चल रहा है. परिजनों के अनुसार, समय पर प्राथमिक उपचार मिलने से उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है.
व्यस्त मंडी में जर्जर तारों से जानमाल का भारी खतरा
रामचंद्रपुर बाजार समिति जिले की सबसे बड़ी थोक कृषि मंडी है, जहां हर रोज सुबह से शाम तक हजारों किसान, व्यापारी, मजदूर और मालवाहक वाहन पहुंचते हैं. स्थानीय व्यवसायियों और पल्लेदारों ने घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी सघन भीड़भाड़ वाले परिसर में जर्जर हाईटेंशन तारों का खुला रहना बिजली विभाग की घोर लापरवाही को दर्शाता है. व्यापारियों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि बाजार समिति से गुजरने वाली सभी 11 केवी लाइनों की तत्काल जांच कराई जाए और जर्जर तारों को बदलकर कवर्ड या भूमिगत केबलिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े जानलेवा हादसे को रोका जा सके.
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