Bihar: बिहार सरकार अब वाहनों में अवैध रूप से प्रेशर और मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न लगाने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की तैयारी में है. ऐसे हॉर्न बजाने वाले गाड़ी मालिकों के साथ-साथ इन्हें बेचने वाले दुकानदारों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
परिवहन विभाग ने इसके लिए पूरे राज्य में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाने का फैसला किया है. इस अभियान के तहत उन दुकानों और शोरूमों पर भी छापे मारे जाएंगे जो इस तरह के हॉर्न बेचते हैं, और वहां से इन हॉर्नों को जब्त कर लिया जाएगा.
परिवहन सचिव राज कुमार ने निर्देश दिए हैं कि सड़कों पर अवैध हॉर्न बजाकर शोर मचाने वाली गाड़ियों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान चलाकर उन पर शिकंजा कसा जाए.
कानून तोड़ने वालों पर लगेगा भारी जुर्माना
तय मानक से ज्यादा तेज आवाज करने वाले प्रेशर हॉर्न या मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न का इस्तेमाल करना मोटर वाहन कानून (मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190 (2)) के तहत एक दंडनीय अपराध है. इस स्पेशल चेकिंग अभियान के दौरान सभी जिलों में आम गाड़ियों के साथ-साथ स्कूली बसों और वाहनों की भी बारीकी से जांच होगी. अगर किसी भी गाड़ी में प्रेशर हॉर्न या तेज आवाज वाला मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न लगा हुआ मिला, तो गाड़ी मालिक के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त एक्शन लिया जाएगा.
सभी जिलों के अधिकारियों और नगर निगम को निर्देश जारी
राज्य परिवहन आयुक्त श्री आरिफ अहसन ने इस विशेष अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए सभी जिलों के जिला परिवहन अधिकारियों (DTO) को कड़े निर्देश भेज दिए हैं. इसके साथ ही, सभी शहरों के नगर आयुक्तों को भी चिट्ठी लिखी गई है, जिसमें साफ कहा गया है कि नगर निगम की गाड़ियों (जैसे कचरा उठाने वाली या अन्य गाड़ियां) में अगर ऐसे प्रेशर हॉर्न लगे हैं, तो उन्हें तुरंत हटाया जाए.
हॉर्न बेचने वाली दुकानों पर भी होगी छापेमारी
परिवहन विभाग ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे फ्लाइंग स्क्वाड (धावा दल) बनाकर उन दुकानों और बाजारों में छापेमारी करें जहां ये प्रेशर और मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न बेचे जाते हैं. इन जगहों से अवैध हॉर्नों को जब्त किया जाएगा और दुकानदारों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि इसकी बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके.
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ध्वनि प्रदूषण और सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा
ये तेज आवाज वाले हॉर्न न सिर्फ कानों को नुकसान पहुंचाते हैं और ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद खतरनाक हैं. अचानक तेज हॉर्न बजने से राहगीर या दूसरे चालक घबरा जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. खासकर अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों और भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाकों में इन हॉर्नों की वजह से मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है.
परिवहन सचिव ने सभी गाड़ी मालिकों और ड्राइवरों से अपील की है कि वे अपनी गाड़ियों में प्रेशर या मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न बिल्कुल न लगाएं. उन्होंने लोगों से सड़क पर सुरक्षित, शांत और कानून के दायरे में रहकर गाड़ी चलाने और इस व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग करने की मांग की है.
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