बिहार: शिक्षकों से लाखों कमीशन लेकर घर बैठे वेतन उठाने का ऑफर.. हेडमास्टर बता रहे मजबूरी तो मंत्री हैं हैरान

Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से शिक्षक घर बैठकर ही वेतन उठा रहे हैं. पूरा तंत्र इसके पीछे काम करता था और ये खुलासा खगड़िया में बीईओ की एक रिपोर्ट से हो गया. जानिए क्या है पूरा मामला..

Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षा विभाग अपने अधिकारियों की हरकत से ही परेशान है. खगड़िया जिले का एक मामला तब पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर देता है जब बीईओ की जांच रिपोर्ट में जिला शिक्षा पदाधिकारी की ही मुश्किल बढ़ गयी है. मनमाने तरीके से प्रतिनियोजन और व बिना स्कूल आए महीनों वेतन उठाने के पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ है. बीईओ ने शिक्षा उपनिदेशक को अपनी रिपोर्ट सौंपी है जिसमें डीईओ के ऊपर गंभीर आरोप लगे हैं. कमीशन के इस खेल से जो दीमक विभाग में लगा है उससे शिक्षा मंत्री तक हैरान और निराश हैं.

शिक्षा मंत्री भी हैरान, लेंगे बड़ा एक्शन

खगड़िया के जिला शिक्षा पदाधिकारी के ऊपर बीईओ ने गंभीर आरोप लगाए हैं. अपनी जांच रिपोर्ट में उन्होंने डीईओ की धांधली का खुलासा किया है. इसके बाद डीईओ ने बैकडेट से प्रतिनियोजन निरस्त करने का आदेश भी निकाल दिया.डीईओ कृष्ण मोहन ठाकुर की परेशानी अब बढ़ती दिख रही है. मामले को लेकर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और विधानसभा सत्र समाप्त होते ही उच्चस्तरीय टीम से जांच और कठोर एक्शन की बात कही है.

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गुजरात में शिक्षिका, बिहार में लग रही हाजिरी

बीईओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि दर्जनों शिक्षकों को मनमाने तरीके से प्रतिनियोजन किया गया और घर में बैठाकर उन्हें वेतन दिया जाता है. ये शिक्षक स्कूल का मुंह तक देखने नहीं आते हैं पर इनकी हाजिरी लगती रही है. इनमें एक शिक्षिका सीमा कुमारी भी हैं जो रहती तो गुजरात में थीं पर वेतन उन्हें समय पर बिहार से मिलता रहा. ऐसे कई शिक्षकों का नाम इस सूची में है. वहीं जब इनकी चोरी पकड़ी गयी थी तो प्राथमिक विद्यालय विद्याधार वार्ड नंबर 4 के हेडमास्टर विकास कुमार ने कहा कि ये आरोप सच हैं. सीमा कुमारी की ऐबसेंटी हर महीने स्कूल भेजता रहा और उन्हें वेतन मिलता रहा. पर ये मैंने मजबूरी में किया.

लाखों की कमीशन का खेल..

सूत्रों की मानें तो वर्षों से ये खेल चल रहा है और बिना स्कूल आए वेतन उठाने के लिए कमीशन का खेल चलता है. चोरी पकड़ में नहीं आए इसलिए मोटी रकम कमीशन के तौर पर वसूली जाती है. प्रतिनियोजन और स्कूल से गायब रहने के एवज में हर महीने करीब 10 से 15 लाख रुपए की कमीशन वसूली होती रही इसलिए मामला इतने दिनों तक दबा रहा. बीईओ की रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि डीईओ ने 6 फरवरी 2023 को 10 दिन के बैकडेट में शिक्षकों का प्रतिनियोजन निरस्त करने का आदेश निकाला.

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