Bihar Road Project: राम-जानकी पथ के निर्माण को लेकर काम में तेजी ला दी गई है. फोरलेन निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. बताया जा रहा है कि 3(a) के प्रकाशन के बाद पांच सदस्यीय कमेटी अलाइमेंट वाले एरिया का निरीक्षण कर जमीन के किस्म का निर्धारण कर रही है. इसमें लगभग एक महीने का वक्त लग सकता है. इसके बाद अधिसूचना जारी की जाएगी.
जमीन अधिग्रहण में लग सकता है एक महीने का समय
जमीन अधिग्रहण को लेकर अधिसूचना जारी करने के बाद इस पर दावा और आपत्ति लिया जाएगा. इसके बाद निष्पादन किया जाएगा और अधिघोषणा का प्रकाशन किया जाएगा. इसके बाद जमीन मालिकों को राशि भुगतान किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, यह फोरलेन जिले के अंचलों के 49 राजस्व गांवों से होते हुए गुजरेगी.
विराट रामायण से भी गुजरेगा राम-जानकी पथ
जानकारी के मुताबिक, राम-जानकी पथ बिहार के गोपालगंज, मोतिहारी, शिवहर और सीतामढ़ी समेत अन्य जिलों से होकर गुजरेगी. यह फोरलेन सड़क कई मायने में खास मानी जा रही है. राम-जानकी पथ निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर से होकर गुजरेगा, जहां श्रद्धालु दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग का दर्शन कर सकेंगे और मंदिर में पूजा भी कर सकेंगे. इसके अलावा जिस भी जिले से यह सड़क गुजरेगी, वहां की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकेगी. रोजगार को बढ़ावा मिल सकेगा. इसके साथ ही पेट्रोल पंप, होटल, फुड प्लाजा के अलावा कई तरह के छोटे-बड़े रोजगार लोग कर सकेंगे.
फोरलेन के बनने से हो सकेंगे ये फायदे
इस फोरलेन के बन जाने से गोपालगंज से सीतामढ़ी (पुनौरा धाम) तक का सफर कम समय में पूरा होगा. अयोध्या से आने वाले श्रद्धालु सीधे धार्मिक स्थलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही जमीन की कीमतों में भी बढ़ोतरी होगी. यह रूट उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा के पास मेहरौना घाट से शुरू होकर सिवान, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी होते हुए भिट्ठामोड़ (नेपाल सीमा) तक जाएगा. सीतामढ़ी-भिट्ठामोड़ रूट में एनएच-27ए और एनएच-227 के हिस्से भी शामिल रहेंगे.
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