बिहार में राशन कार्ड बनवाने के लिए जानिए नया नियम, बिना इस प्रोसेस के नहीं मिलेगा अनाज, पुराने आवेदकों के लिए भी अनिवार्य

Bihar Ration Card: बिहार के लाखों राशन कार्डधारियों से जुड़ी जरूरी खबर है. अब उनके लिए राशन लेना पहले की तरह आसान नहीं रह गया है. अब राशन कार्ड बनवाने के लिए ई-केवाईसी कराना जरूरी होगा. ऐसा नहीं करने पर राशन भी नहीं मिल सकता है.

Bihar Ration Card: बिहार में राशन कार्डधारियों के लिए राशन लेना पहले से मुश्किल हो सकता है. राज्य के बिहार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से राशन कार्ड बनाने के नियम में थोड़ा बदलाव किया गया है. इस नए बदलाव के मुताबिक, राशन कार्डधारियों को अब ई-केवाईसी (e-KYC) कराना जरूरी होगा.

ई-केवाईसी कराना होगा अनिवार्य

जानकारी के मुताबिक, राशन कार्ड बनवाने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य होगा. ऐसा करने पर ही आवेदन कर सकेंगे और कार्ड बन पाएगा. इतना ही नहीं, पुराने आवेदकों को भी ई-केवाईसी कराना जरूरी होगा. जिन भी राशन कार्डधारियों ने ई-केवाईसी नहीं कराया है, उनका राशन रुक सकता है. इसलिए पहले ही सूचना जारी कर दी गई है.

लोगों के बीच फैलाई जा रही जागरुकता

आपूर्ति विभाग और अधिकारियों की ओर से इस नए नियम को लेकर लोगों के बीच जागरुकता फैलाई जा रही है. उनसे अपील की जा रही है कि जल्द से जल्द ई-केवाईसी करा लें, ताकि राशन लेने में कोई परेशानी नहीं हो. पुराने नियम के मुताबिक, ऑनलाइन आवेदन जमा किए जाते थे. आवेदन का सत्यापन किया जाता था. इसके बाद राशन कार्ड बना दिया जाता था.

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इस तरह कराना होगा ई-केवाईसी

लेकिन नए नियम के मुताबिक, ई-केवाईसी जरूरी होगा. यानी कि ऑनलाइन आवेदन किए जाने के बाद आवेदक और परिवार के सदस्यों को जन वितरण प्रणाली (PDS) डीलर के पास जाना होगा और वहां ई-पॉश मशीन के जरिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करानी होगी. इसके लिए आधार कार्ड के साथ बायोमेट्रिक सत्यापन या फिर फेसियल ऑथेंटिकेशन के माध्यम से पहचान सुनिश्चित की जाएगी.

पुराने आवेदकों के लिए भी अनिवार्य

यहां गौर करने वाली बात यह है कि सह नियम सिर्फ नए आवेदक के लिए नहीं बल्कि पुराने आवेदकों पर भी लागू होगी. विभाग के अधिकारियों की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि ऐसे आवेदक जिन्होंने पहले ऑनलाइन आवेदन किया था लेकिन अब भी राशन कार्ड नहीं मिला है, उन्हें ई-केवाईसी कराना होगा. बिना इस प्रोसेस के आवेदन पेंडिंग ही रहेगा और राशन कार्ड नहीं मिलेगा. यह प्रक्रिया पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से अपनाए जाने की बात कही जा रही है.

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By प्रीति दयाल

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प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा.

पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है.

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