बिहार में दो मामलों में 3 दोषियों को फांसी, जानिए किन मामलों में हुई सजा, रिपोर्ट जारी

Bihar Police: बिहार पुलिस की जुलाई 2026 की रिपोर्ट में अदालतों से हुई सजा का आंकड़ा सामने आया है. रिपोर्ट के अनुसार जुलाई में 3 दोषियों को फांसी और 124 को उम्रकैद की सजा मिली. इस दौरान कुल 15140 मामलों में अलग-अलग तरह की सजा सुनाई गई. दो मामलों में फांसी की सजा हुई.

Bihar Police: बिहार पुलिस मुख्यालय की 25 अगस्त 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 2026 में राज्य में 3 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई. ये सजा दो अलग-अलग मामलों में हुई. पुलिस की रिपोर्ट में बताया गया है कि जून में आर्म्स एक्ट के 49 मामलों में सजा हुई थी, जबकि जुलाई में ऐसे 98 मामलों में दोषियों को सजा मिली.

फांसी की सजा वाले दोनों मामलों में अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुनाया. इनमें से एक मामला रोहतास जिले का और दूसरा मधुबनी जिले का है.

रोहतास में 10 साल की बच्ची की हत्या के मामले में फांसी

रोहतास जिले के डिहरी नगर यानी डालमियानगर थाना क्षेत्र के एक मामले में 10 साल की नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी गला दबाकर हत्या करने के आरोप में बलराम सिंह उर्फ बलिराम सिंह को फांसी की सजा सुनाई गई.

सासाराम, रोहतास के एडीजे-7 की अदालत ने सुनवाई के बाद 10 जुलाई 2026 को यह फैसला सुनाया. इस मामले में डिहरी नगर थाना कांड संख्या 888/20 के तहत केस दर्ज किया गया था. पुलिस के अनुसार एफआईआर दर्ज होने के 15 दिनों के अंदर आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया गया था.


मधुबनी में दो बच्चों की हत्या के मामले में दो दोषियों को फांसी

दूसरा मामला मधुबनी जिले के घोघरडीहा थाना क्षेत्र का है. यहां प्रेम प्रसंग के कारण अपने दो बच्चों की हत्या करने और उनके शव नदी में फेंकने के आरोप में एक महिला और उसके सह-आरोपी जय प्रकाश मंडल को फांसी की सजा मिली.

झंझारपुर के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद 2 जुलाई 2026 को दोनों को फांसी की सजा सुनाई. इस मामले में घोघरडीहा थाना कांड संख्या 114/23 के तहत केस दर्ज किया गया था.

जुलाई में 124 दोषियों को उम्रकैद की सजा

फांसी की सजा के अलावा जुलाई में बिहार की अदालतों ने 124 दोषियों को उम्रकैद की सजा भी सुनाई. पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई में अलग-अलग मामलों में कुल 15,140 सजा दी गईं. इनमें फांसी, उम्रकैद, अलग-अलग अवधि की जेल, जुर्माना और अन्य सजा शामिल हैं.

जनवरी से जुलाई 2026 तक के आंकड़े देखें तो इस अवधि में 5 दोषियों को फांसी और 785 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी गई. इसी अवधि में अलग-अलग मामलों में कुल 1,15,003 सजाएं सुनाई गईं.

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जून के मुकाबले जुलाई में बढ़े सजा वाले मामले

बिहार पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार जून 2026 में आर्म्स एक्ट के 49 मामलों में सजा हुई थी, जबकि जुलाई में यह संख्या बढ़कर 98 हो गई. यानी एक महीने में ऐसे मामलों में सजा की संख्या दोगुनी हुई.

इसी तरह जून में 108 मामलों में उम्रकैद की सजा दी गई थी, जबकि जुलाई में 124 मामलों में दोषियों को उम्रकैद मिली. जुलाई में इन 124 मामलों के साथ ही दो मामलों में 3 दोषियों को फांसी की सजा भी सुनाई गई.

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लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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