Bihar Police: बिहार में पुलिस की जांच को मॉडर्न और डिजिटल बनाया जा रहा है. अगले 6 महीने में नई व्यवस्था लागू हो सकती है. जानकारी के मुताबिक, एफआईआर दर्ज करने, चार्जशीट दाखिल करने और फाइनल रिपोर्ट देने तक सभी काम ऑनलाइन होंगे. इसके साथ ही आरोपियों के फिंगरप्रिंट से लेकर डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार किए जा रहे हैं.
इस तरह से होगी पूरी व्यवस्था
अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) के एडीजी पारसनाथ की ओर से सभी जानकारियां दी गई. एडीजी की माने तो, 28 जिलों में 50 एमसीयू को स्थापित किया जाएगा. इसमें आरोपी के नाम से लेकर उसका पता सब कुछ डिटेल में होगा. सी-डैक की मदद से इसी महीने 12 से 15 मई तक गयाजी, बेगूसराय, दरभंगा और मुजफ्फरपुर केंद्रों में ट्रेनिंग भी कराई गई है. ई-प्रिजन प्रणाली के जरिए आरोपी से जुड़े सूचनाओं का सत्यापन भी किया जा रहा है.
ऑनलाइन मॉनीटरिंग की होगी पूरी व्यवस्था
जानकारी के मुताबिक, जांच के दौरान डिजिटल एप का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा. साथ ही डेटा को अपडेट करने और ऑनलाइन मॉनीटरिंग की भी पूरी व्यवस्था होगी. सेंट्रल गवर्नमेंट की ओर से एक पोर्टल भी तैयार किया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, जनवरी से अप्रैल महीने तक के डॉक्यूमेंट्स इस पर अपलोड किए गए हैं. साथ ही मिशन वात्सल्य पोर्टल पर गुमशुदा लोगों से जुड़ी जानकारी भी अपलोड की गई है, ताकि उन्हें खोजने में आसानी हो सके.
सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए लाई जा रही नई व्यवस्था
एडीजी की माने तो, जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए यह पूरी नई व्यवस्था को लाया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, सभी थाना स्तर पर सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) का समुचित उपयोग अनुसंधानकर्ता के स्तर से किया जा रहा है. इस तरह से अगले 6 महीने में नई व्यवस्था लागू हो सकती है.
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