Bihar Panchayat Chunav: बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर गांवों में हलचल तेज होने लगी है. मौजूदा जो मुखिया हैं, उनका कार्यकाल नवंबर-दिसंबर तक खत्म हो जाएगा. पंचायतों का संभावित परिसीमन कराए जाने के बाद ही चुनाव होंगे. ऐसी स्थिति में संभावना जताई जा रही है कि चुनाव में देरी हो सकती है.
पंचायती राज मंत्री ने क्या कहा?
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के मुताबिक, परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनाव कराया जाएगा. परिसीमन के बाद पंचायतों की संख्या और मुखिया की सीटों में बदलाव संभव है. चर्चा है कि मुखिया की सीटों में करीब 60 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है. ऐसे में टोटल सीटों की संख्या करीब 13 हजार तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.
गांवों में बैठकों का दौर शुरू
चुनाव में अभी कई महीने बाकी हैं, लेकिन अभी से ही गांवों में जनसंपर्क बढ़ गया है. छोटी-बड़ी बैठकें शुरू हो गई हैं और दावेदार अपनी जमीन मजबूत करने में जुट गए हैं. अगर मुखिया का चुनाव लड़ने की प्लानिंग आप भी कर रहे हैं तो इसके पहले कई डॉक्युमेंट्स तैयार रखने होंगे. आखिर समय में किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए पहले ही तैयारी शुरू करनी पड़ेगी.
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इन सभी 9 डॉक्युमेंट्स को रखें तैयार
- वोटर लिस्ट में नाम
जिस ग्राम पंचायत से चुनाव लड़ना है, वहां के वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी है. अपनी वोटर लिस्ट की जानकारी पहले से जांच लें. वोटर आईडी कार्ड भी तैयार रखें. केवल आधार कार्ड के भरोसे न रहें.
- फोटो और पहचान पत्र
हाल की पासपोर्ट साइज फोटो तैयार रखें. वोटर आईडी के साथ आधार कार्ड या अन्य सरकारी फोटो पहचान पत्र रखें. सभी दस्तावेजों में नाम और अन्य विवरण सही होने चाहिए.
- उम्र का प्रमाण
मुखिया चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल होनी चाहिए. मैट्रिक प्रमाण-पत्र, जन्म प्रमाण-पत्र या अन्य मान्य दस्तावेज तैयार रखें. सभी दस्तावेजों में नाम और जन्मतिथि एक जैसी है या नहीं, यह जरूर जांचें.
- नामांकन शुल्क और रसीद
नामांकन के दौरान निर्धारित शुल्क/जमानत राशि जमा करनी होती है. भुगतान के बाद मिली रसीद सुरक्षित रखें. पंचायत से जुड़े किसी बकाये की स्थिति भी पहले जांच लेना बेहतर है.
- शौचालय से जुड़ी घोषणा
घर में कार्यशील शौचालय होने से संबंधित घोषणा देनी पड़ सकती है. घोषणा में परिवार के सदस्यों के खुले में शौच नहीं जाने से संबंधित जानकारी भी मांगी जा सकती है.
- प्रस्तावक की जानकारी
नामांकन पत्र में प्रस्तावक की जानकारी देनी होती है. प्रस्तावक का संबंधित मतदाता होना जरूरी है. नामांकन पत्र पर प्रस्तावक के साइन भी आवश्यक होते हैं. इसलिए प्रस्तावक की सहमति और दस्तावेज पहले से तैयार रखें.
- निवास प्रमाण-पत्र
बिहार का निवासी होने से जुड़े दस्तावेज की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए निवास प्रमाण-पत्र भी पहले से तैयार रखना बेहतर है.
- आरक्षित सीट के लिए जाति प्रमाण-पत्र
अगर सीट आरक्षित है, तो संबंधित वैध जाति प्रमाण-पत्र की जरूरत हो सकती है. SC, ST, EBC या BC श्रेणी के उम्मीदवार अपना प्रमाण-पत्र पहले से तैयार रखें.
- शपथ-पत्र और घोषणा
नामांकन के साथ निर्धारित शपथ-पत्र/घोषणा-पत्र देना पड़ सकता है. इसमें शिक्षा, संपत्ति, देनदारी और आपराधिक मामलों की जानकारी देनी होती है. पति/पत्नी और आश्रितों की संपत्ति की जानकारी भी मांगी जा सकती है. लंबित मुकदमों और अदालत से हुई सजा की जानकारी छिपाने से बचें.
