अब बिना VLTD नहीं होगा गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन, स्कूल बसों और टैक्सी के लिए जारी हुआ फरमान

Bihar News: बिहार में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है. परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब बिना व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और इमरजेंसी बटन के किसी भी सार्वजनिक वाहन का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस और प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं बनेगा.

Bihar News: बिहार परिवहन विभाग ने राज्य के सभी जिलों के लिए एक ऐसा आदेश जारी किया है, जो आपकी जेब और गाड़ी के परिचालन पर सीधा असर डालेगा. विभाग ने साफ कर दिया है कि अब जिन सार्वजनिक परिवहन वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और इमरजेंसी बटन नहीं लगा होगा, उनका काम रोक दिया जाएगा.

यह फैसला केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए.

स्कूल बसों पर पैनी नजर और बच्चियों की सुरक्षा

परिवहन विभाग का सबसे बड़ा फोकस स्कूली बच्चों, खासकर छात्राओं की सुरक्षा पर है. विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और परिवहन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्कूलों में चलने वाली सभी बसों और वैन में VLTD उपकरण लगाना अनिवार्य है.

इस डिवाइस के साथ एक ‘इमरजेंसी बटन’ भी होगा, जिसे किसी भी संकट की स्थिति में दबाते ही पुलिस और कंट्रोल रूम को अलर्ट मिल जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे न केवल अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलेगी, बल्कि स्कूल जाने वाली छात्राएं खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगी. जिन स्कूलों ने अब तक अपनी गाड़ियों में यह सिस्टम इंस्टॉल नहीं कराया है, उनके खिलाफ 1 अप्रैल से सघन छापेमारी अभियान शुरू होने वाला है.

कमांड सेंटर से होगी ‘रियल टाइम’ निगरानी

यह कोई साधारण ट्रैकिंग सिस्टम नहीं है, बल्कि इसे पटना स्थित ‘कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ से सीधे जोड़ा गया है. विभाग के मुताबिक, इस डिवाइस के जरिए गाड़ी की ‘रियल टाइम’ लोकेशन तो पता चलेगी ही, साथ ही अगर कोई चालक निर्धारित गति से तेज गाड़ी चलाता है, तो उसका अलर्ट भी तुरंत सॉफ्टवेयर पर फ्लैश हो जाएगा.

अगर कोई शातिर चालक डिवाइस के साथ छेड़छाड़ करने या उसे तोड़ने की कोशिश करता है, तो उसका भी मैसेज कंट्रोल रूम को मिल जाएगा. वाहन मालिक भी अपने मोबाइल सॉफ्टवेयर के जरिए हर मूवमेंट को मैप पर देख सकेंगे.

ऑटो को छोड़कर इन सभी वाहनों पर लागू होगा नियम

यह नियम ऑटो-रिक्शा को छोड़कर बस, कैब, टैक्सी और अन्य सभी सार्वजनिक कमर्शियल वाहनों पर लागू होगा. विभाग का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और अपराध पर नियंत्रण पाना है.

जिलों में तैनात अफसरों को आदेश दिया गया है कि वे स्कूल संचालकों और बस मालिकों के साथ समन्वय करें और सुनिश्चित करें कि 1 अप्रैल से पहले सभी गाड़ियों में यह सुरक्षा कवच लग जाए. जो बसें ओवर स्पीडिंग में पकड़ी जाएंगी, उनके चालकों पर ऑन-द-स्पॉट जुर्माना लगाया जाएगा और बार-बार उल्लंघन करने पर परमिट भी रद्द किया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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