Bihar News: बिहार के नक्सल प्रभावित इलाकों में एक बार फिर सुरक्षा बलों ने असामाजिक तत्वों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है. लखीसराय जिले के पीरी बाजार और कजरा की दुर्गम पहाड़ियों में सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने एक हाई-टेक ‘डी-माइनिंग’ सर्च ऑपरेशन चलाकर भारी मात्रा में हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं.
यह कार्रवाई संभावित बड़ी साजिश को नाकाम करने की दिशा में अहम मानी जा रही है.
दुर्गम पहाड़ियों में पर सर्च ऑपरेशन
SSB की 16वीं वाहिनी को गुप्त सूचना मिली थी कि कजरा के हददिया और चोरमारा पहाड़ी के घने जंगलों में किसी बड़ी हिंसक घटना को अंजाम देने के लिए हथियारों का भंडार छिपाया गया है. वाहिनी के कमांडेंट अनिल कुमार पठानिया के निर्देश पर उप कमांडेंट श्री गोविंद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई. बुधवार दोपहर करीब 12 बजे SSB और पीरी बाजार पुलिस की संयुक्त टीम ने जंगलों की ओर कूच किया.
जंगलों की सघन तलाशी के लिए सुरक्षा बलों ने आधुनिक उपकरणों का सहारा लिया. आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही थी. जमीन पर स्निफर डॉग्स (खोजी कुत्ते) और डीप सर्च मेटल डिटेक्टर की मदद से बारूद की गंध और धातुओं को खोजा गया. लगभग चार घंटे की कड़ी मेहनत के बाद, टीम को हददिया गांव के पास पत्थरों के बीच बने एक गुप्त ठिकाने का पता चला.
बरामद हुई देसी मस्कट और जिंदा कारतूस
सुरक्षा बलों ने जब पत्थरों के बीच बने उस गुप्त ठिकाने की तलाशी ली, तो वहां भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ. जब्त सामानों में एक देसी मस्कट गन, एक सीलिंग, 8 mm के 6 राउंड और .380 mm के 2 राउंड जिंदा कारतूस शामिल थे. साथ ही 7.62 mm का एक खोखा भी मिला है.
इस ऑपरेशन में निरीक्षक प्रदीप बर्मन और पीरी बाजार पुलिस के जांबाज जवानों ने अहम भूमिका निभाई.
अब असली ‘मास्टरमाइंड’ की तलाश
हथियारों की इस बड़ी बरामदगी के बाद पूरे लखीसराय के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है. स्थानीय पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि इन हथियारों का असली हैंडलर कौन है और इन्हें किस बड़ी साजिश के तहत यहां डंप किया गया था. इस कार्रवाई से नक्सलियों के नेटवर्क को करारा झटका लगा है. रिपोर्ट: रविराज आनंद
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