Bihar News ( बक्सर से मृत्युंजय सिंह की रिपोर्ट ):
राज्य में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है. इसके तहत अब उत्तर प्रदेश, झारखंड समेत अन्य पड़ोसी राज्यों से बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाले बालू, पत्थर व अन्य लघु खनिजों से लदे वाहनों के लिए ट्रांजिट पास लेना पूरी तरह अनिवार्य होगा.
राजस्व में होगी बढ़ोतरी, एक ही चालान पर बार-बार ढुलाई के खेल पर लगेगा ब्रेक
विभाग के अनुसार, वर्तमान में दूसरे राज्यों से आने वाले खनिजों की सटीक मात्रा और प्रकार की चौतरफा निगरानी के लिए कोई समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी. इसी कमी को देखते हुए सरकार द्वारा यह नई व्यवस्था लागू की गई है. इससे राज्य में खनिजों के आयात का बिल्कुल सटीक आंकड़ा मिलेगा, सरकारी राजस्व में बड़ी वृद्धि होगी और एक ही पुराने चालान पर बार-बार अवैध रूप से माल ढोने के खेल पर पूरी तरह रोक लगेगी.
जानिए कितना तय किया गया है ट्रांजिट पास शुल्क?
बिहार खनिज (समनुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2019 के नियम-41 के तहत इस शुल्क का निर्धारण किया गया है. खनिज लदे वाहनों पर निम्नलिखित दरों से ट्रांजिट पास शुल्क लिया जाएगा:
प्रति मीट्रिक टन की दर से: 60 रुपये शुल्क निर्धारित
प्रति घनमीटर की दर से: 85 रुपये शुल्क निर्धारित (जो भी लागू हो)
10 जून से पूरे बिहार में लागू हो जाएगी नई व्यवस्था, मंत्रिपरिषद से मिल चुकी है मंजूरी
बिहार राज्य मंत्रिपरिषद ने इसी साल 20 फरवरी 2026 को इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को अपनी कैबिनेट स्वीकृति दी थी. अब सारी तैयारियों को पूरा करते हुए यह नई डिजिटल और प्रशासनिक व्यवस्था आगामी 10 जून 2026 से पूरे बिहार राज्य में प्रभावी ढंग से लागू कर दी जाएगी.
नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों पर होगी कठोर कानूनी कार्रवाई
इस बड़ी घोषणा के बाद बक्सर जिला प्रशासन और स्थानीय खनन विभाग ने जिले के सभी परिवहनकर्ताओं, खनिज व्यवसायियों, क्रशर मालिकों और निर्माण एजेंसियों से इस नई व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने की जोरदार अपील की है. अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी है कि 10 जून के बाद बिना वैध ट्रांजिट पास के खनिज का परिवहन करने वाले वाहनों को सीधे जब्त किया जाएगा और उनके खिलाफ नियमानुसार बेहद कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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