बिहार में जमीन दलालों की अब खैर नहीं, दफ्तरों में लगेगे CCTV, पहचान होते ही दर्ज होगी FIR

Bihar News: बिहार में जमीन से जुड़े कार्यों में बिचौलिया संस्कृति को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने अब तक का सबसे सख्त फरमान जारी कर दिया है. राजस्व विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर किसी अंचल कार्यालय में कोई अनधिकृत व्यक्ति फाइलें पलटते मिला, तो सीधे जेल की हवा खानी होगी.

Bihar News: राजस्व प्रशासन को पारदर्शी बनाने के लिए बिहार सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं. अब क्षेत्र भ्रमण के दौरान दलाल या अनधिकृत मुंशी मिलने पर तुरंत आपराधिक धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा, जिससे जमीन संबंधी कामों में बिचौलियों की भूमिका खत्म करने की कोशिश तेज हो गई है.

बिचौलिया कल्चर खत्म करने की तैयारी

राजस्व विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को कड़ा निर्देश भेजते हुए स्पष्ट किया है कि राजस्व प्रशासन में किसी भी प्रकार की बिचौलिया संस्कृति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ और उपमुख्यमंत्री के संवाद कार्यक्रमों के दौरान यह बात सामने आई है कि नगर क्षेत्रों में हल्का कर्मचारियों ने अवैध रूप से ‘सहायक मुंशी’ पाल रखे हैं. अब सरकार ने तय किया है कि ऐसे भू-माफियाओं और प्रशासनिक गठजोड़ को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा.

सीसीटीवी निगरानी और जिलास्तरीय जांच दल

राजस्व कार्यालयों की कार्यप्रणाली पारदर्शी बनाने के लिए सभी अंचल कार्यालयों में हाई-एंड सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इसके लिए राशि भी आवंटित कर दी गई है. यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो जिलास्तर पर तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर जांच कराई जाएगी.

दलालों के प्रवेश को पूरी तरह निषिद्ध करने के लिए विभाग ने तकनीक का सहारा लिया है. अब राज्य के सभी अंचल कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाये जाएंगे. इसके लिए विभाग द्वारा बजट भी आवंटित कर दिया गया है. इन कैमरों की फुटेज के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्यालय की कार्यप्रणाली पारदर्शी हो और कोई भी बाहरी व्यक्ति सरकारी कामकाज में बाधा न डाल सके.

राजनीतिक नेतृत्व का सख्त संदेश

उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने चेतावनी दी है कि भू-माफिया और दलालों की पहचान होते ही भारतीय न्याय संहिता की सख्त धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी. “शराफत और इंसानियत को रुलाने वाले” गठजोड़ को तोड़ा जाएगा.

राजस्व प्रशासन को साफ-सुथरा और जवाबदेह बनाने के लिए अब जिला स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है. नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी कार्य के लिए बिचौलियों के पास जाने के बजाय सीधे कार्यालय के पोर्टल या काउंटर का उपयोग करें.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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