Bihar News:सूरज,प्रभात खबर. दरभंगा के स्थानीय सीएचसी में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई. जब मेडिकल जांच के लिए लाए गए एक कैदी ने पुलिस को चकमा देकर अस्पताल के बगल स्थित अंडरग्राउंड नाले में छलांग लगा दी. यह घटना न सिर्फ पुलिस के लिए चुनौती बन गई.
जांच के बहाने फरार होने का प्लान
लहेरियासराय थाना की पुलिस दो कैदियों, इफ्तिखार अहमद और मोहसिन कुरैशी को मेडिकल जांच के लिए सीएचसी लेकर पहुंची थी. जांच की प्रक्रिया के दौरान अचानक इफ्तिखार अहमद ने मौके का फायदा उठाया और पुलिस को चकमा देकर अस्पताल से सटे अंडरग्राउंड नाले में कूद गया. देखते ही देखते वह नाले के अंदर जाकर छिप गया.
घटना की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया. मरीज, उनके परिजन और अस्पताल कर्मी सहम गए. कुछ ही देर में बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और नाले के मुहाने की घेराबंदी कर दी गई. पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई, ताकि कैदी किसी अन्य रास्ते से फरार न हो सके.
नाले के भीतर छिपा रहा कैदी
पुलिस लगातार कैदी को बाहर निकलने के लिए समझाने-बुझाने का प्रयास करती रही. पुलिसकर्मी उससे अपील करते रहे कि वह खुद बाहर आ जाए, जिससे कोई अनहोनी न हो. अंधेरे और गंदगी से भरे नाले में छिपे रहने से उसकी जान को खतरा भी था. काफी देर तक जब कैदी बाहर नहीं निकला, तो पुलिस के हाथ-पांव फूलने लगे.
मान-मनौव्वल के बाद मिली सफलता
लंबी मशक्कत और समझाने-बुझाने के बाद आखिरकार कैदी इफ्तिखार अहमद को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. जैसे ही वह नाले से बाहर आया, पुलिस ने राहत की सांस ली.
पीएचसी प्रभारी डॉ. तारिक मंजर ने बताया कि हथकड़ी ढीली हो जाने के कारण कैदी भागकर नाले में कूद गया. वहीं लहेरियासराय थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि इफ्तिखार अहमद चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था और दोनों कैदियों की मेडिकल जांच पूरी होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
यह घटना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी खड़े करती है, तो साथ ही यह दिखाती है कि थोड़ी-सी चूक कितनी बड़ी स्थिति पैदा कर सकती है.
