SDO रहते अफसर ने पत्नी के नाम बनाई करोड़ों की संपत्ति, दानापुर में 4 प्रॉपर्टी का खुलासा

Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के बीच विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ा खुलासा किया है. शिवहर के डीडीसी बृजेश कुमार पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज हुआ है

Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही विशेष निगरानी इकाई (SVU) की कार्रवाई में एक और बड़े अफसर का कच्चा चिट्ठा खुल गया है. शिवहर के उप विकास आयुक्त (DDC) बृजेश कुमार अब जांच के घेरे में हैं.

विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने खुलासा किया है कि मुजफ्फरपुर में एसडीओ रहने के दौरान इस अधिकारी ने पद का दुरुपयोग करते हुए अकूत काली कमाई की और उसे सफेद करने के लिए पत्नी के नाम का सहारा लिया. सरकारी रिकॉर्ड में खुद को ‘साफ-सुथरा’ बताने वाले इस अफसर की सगुना मोड़ स्थित आलीशान संपत्तियों ने अब उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

पत्नी के नाम पर ‘सगुना मोड़’ में करोड़ों का निवेश

विशेष निगरानी इकाई के जांच में सामने आया है कि वर्ष 2023 में, जब बृजेश कुमार मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) के एसडीओ थे, तब उन्होंने अपनी पत्नी गीतांजलि कुमारी के नाम पर दानापुर के प्राइम लोकेशन ‘सगुना मोड़’ में एक के बाद एक चार संपत्तियां खरीदीं.

इन संपत्तियों का सरकारी मूल्य ही करीब 2.26 करोड़ रुपये आंका गया है, जबकि बाजार भाव इससे कहीं अधिक होने का अनुमान है. इसमें ओम गंगा परिसर और प्रगति टावर जैसे नामी कमर्शियल सेंटरों में कीमती दुकानें शामिल हैं.

आय से 1.44 करोड़ अधिक की संपत्ति और बेनामी खेल

विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने द्वारा दर्ज कांड संख्या-11/26 के अनुसार, डीडीसी बृजेश कुमार पर अपनी ज्ञात आय से 1 करोड़ 44 लाख 32 हजार 900 रुपये अधिक अर्जित करने का पुख्ता आरोप है. छापेमारी केवल अधिकारी के ठिकानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सीतामढ़ी में उनके ससुर (जो सेवानिवृत्त कार्यपालक अभियंता हैं) के आवास पर भी दबिश दी गई.

जांच टीम को बैंक और विभिन्न वित्तीय संस्थानों में 21 लाख रुपये से अधिक के निवेश के सबूत मिले हैं. इसके अलावा, नरकटियागंज में एक संबंधी से ‘उपहार’ के रूप में मिली 31 लाख रुपये की जमीन भी अब शक के घेरे में है, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है.

संपत्ति के ब्योरे में ‘जीरो’, हकीकत में ‘करोड़पति’

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि बृजेश कुमार ने हर साल सरकार को दिए जाने वाले अपने संपत्ति विवरण में इन चल-अचल संपत्तियों का कोई जिक्र नहीं किया था. उन्होंने अपनी और पत्नी की संपत्ति को पूरी तरह गोपनीय रखा, जबकि एसवीयू को उनकी पत्नी के नाम से पांच संपत्तियों के डीड (दस्तावेज) बरामद हुए हैं.

निगरानी इकाई अब उन ‘बेनामी’ संपत्तियों और रिश्तेदारों के नाम पर किए गए गुप्त निवेशों की तलाश में है, जिन्हें छिपाने की कोशिश की गई थी.

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लेखक के बारे में

By Pratyush prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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