Bihar News: बिहार में ट्रैफिक नियमों को लेकर पुलिस मुख्यालय ने एक बड़ा और हाई-टेक फैसला लिया है.अब राज्य के 27 जिला मुख्यालयों में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना वाहन चालकों को भारी पड़ेगा.
एडीजी सुधांशु कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि पटना की तर्ज पर अब पूरे बिहार के प्रमुख शहरों में ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे. इसका सीधा मतलब है कि अब पुलिस के बिना रोके ही आपके घर ऑनलाइन चालान पहुंच जाएगा.
क्या है ANPR कैमरे? कैसे कटेगा चालान?
एडीजी सुधांशु कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि एएनपीआर (ANPR) एक अत्याधुनिक कैमरा सिस्टम है जो ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन तकनीक पर काम करता है. यह कैमरा तेज रफ्तार में भी वाहनों की नंबर प्लेट को पढ़ लेता है और उसे डिजिटल टेक्स्ट में बदलकर सीधे कंट्रोल रूम भेज देता है.
यदि कोई चालक रेड लाइट जंप करता है, हेलमेट नहीं पहनता या ट्रिपल लोडिंग चलता है, तो यह सिस्टम रीयल-टाइम में ई-चालान जेनरेट कर देगा. इससे न केवल चोरी के वाहनों को खोजने में मदद मिलेगी, बल्कि यातायात प्रबंधन भी पूरी तरह डिजिटल हो जाएगा.
पटना में 20 नए सिग्नल और स्मार्ट सिटी का विस्तार
राजधानी पटना के नगर निगम क्षेत्र से बाहर अब दानापुर निजामत, न्यू बाईपास के दक्षिणी हिस्से और जीरो माइल जैसे इलाकों में भी ट्रैफिक सिग्नल और हाई-टेक कैमरे लगाने की योजना है. वर्तमान में पटना के 30 पॉइंट पर यह व्यवस्था लागू है, जिसे अब बढ़ाकर और विस्तार दिया जा रहा है.
अगले वित्तीय वर्ष तक सभी 27 चिन्हित जिला मुख्यालयों में पॉइंट सर्वे का काम पूरा कर कैमरों को सक्रिय कर दिया जाए. इससे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में लगने वाले लंबे जाम से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी.
पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 40 करोड़
ट्रैफिक व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है. नौबतपुर में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बी-सैप) वन गोरखा वाहिनी का भव्य मुख्यालय बनाने के लिए 30 एकड़ जमीन चिन्हित कर ली गई है, जिसके लिए 40 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिल गई है.
पिछले तीन महीनों में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से चार नए थाना भवन, एसपी आवास और अनुमंडल कार्यालयों के निर्माण को मंजूरी दी गई है. ये सभी थाने तीन मंजिला और आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे, जिससे पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार होगा.
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