Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत मधुबनी पहुंचे, जहां उन्होंने विकास योजनाओं की झड़ी लगा दी. मुख्यमंत्री ने जिले को ₹391 करोड़ का बड़ा तोहफा देते हुए स्पष्ट कर दिया कि बिहार के औद्योगिक और ढांचागत विकास के लिए अब नई रफ्तार पकड़ी जाएगी. शिलान्यास और उद्घाटन के बीच नीतीश कुमार ने युवाओं और किसानों के लिए भी कई घोषणाएं की हैं.
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा दांव, हर प्रखंड में डिग्री कालेज
सीएम नीतीश कुमार ने घोषणा की कि मधुबनी जिले के सभी 21 प्रखंडों में डिग्री कालेज और मॉडल स्कूल खोले जाएंगे. इससे स्थानीय छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. यह फैसला मिथिलांचल के शैक्षणिक विकास के लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है.
स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगी नई ताकत
मधुबनी के मॉडल सदर अस्पताल को अतिविशिष्ट अस्पताल में बदला जाएगा. साथ ही, सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक को लेकर सख्त नीति बनाने की बात कही गई है, ताकि मरीजों को सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज मिल सके.
पंचायत से शहर तक दुग्ध क्रांति की तैयारी
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि सभी पंचायतों में दूध संग्रह केंद्र खोले जाएंगे और 1024 नई दुग्ध समितियों का गठन किया जाएगा. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय बढ़ेगी.
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल का रोडमैप
नीतीश कुमार ने अगले पांच साल में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य दोहराया। इसके लिए अलग से कौशल विभाग के गठन की भी घोषणा की गई है, जिससे युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण मिल सके.
सड़क, एक्सप्रेसवे और कनेक्टिविटी पर फोकस
मुख्यमंत्री ने बिहार में पांच नए एक्सप्रेसवे के निर्माण की घोषणा की. इसके साथ ही मधुबनी रिंग रोड, नया बस अड्डा और पश्चिम कोसी नहर विस्तार जैसी योजनाओं से जिले की कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
पर्यटन और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
मधुबनी में सुगरवे बियर रिवर फ्रंट, मिथिला हाट के विस्तार, फुलहर को टूरिस्ट प्लेस के रूप में विकसित करने और लौखी में एसईजेड के निर्माण की घोषणा की गई. इससे पर्यटन और उद्योग दोनों को गति मिलेगी.
नीतीश कुमार ने मंच से पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले बिहार में विकास सिर्फ कागजों पर होता था. उन्होंने लालू यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया था, जबकि उनकी सरकार विकास को प्राथमिकता देती है.
समृद्धि यात्रा के दौरान मधुबनी को मिली 391 करोड़ की सौगात को सीएम नीतीश कुमार का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है. शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, दूध उत्पादन, पर्यटन और एक्सप्रेसवे जैसी घोषणाएं यह संकेत देती हैं कि सरकार मधुबनी को विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहती है.
