Bihar News: बिहार में निवेश की बंपर बरसात! 1024 करोड़ के 57 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, आईटी और टेक्सटाइल सेक्टर में आएगी बड़ी क्रांति
Bihar News: बिहार अब सिर्फ संभावनाओं की नहीं, निवेश की नई कहानी लिख रहा है. उद्योग से लेकर आईटी और टेक्सटाइल तक, राज्य में विकास की रफ्तार अचानक तेज हो गई है.
Bihar News: बिहार में औद्योगिक निवेश को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की अहम बैठक में 1024.49 करोड़ रुपये की 57 परियोजनाओं को स्टेज-वन क्लीयरेंस दे दी गई है.
इसके साथ ही 169.49 करोड़ रुपये की 16 परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी है. यह फैसला बिहार को औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है.
बिहार में निवेश का खुला रास्ता
उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार और निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक ने यह साफ कर दिया कि बिहार अब निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बन रहा है. जिन कंपनियों को मंजूरी दी गई है, उनमें सिलिका हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड सबसे आगे है. यह कंपनी नसों के जरिए दी जाने वाली दवाओं यानी आईवी फ्लूड के उत्पादन में देश की प्रमुख कंपनियों में गिनी जाती है और वैशाली के भगवानपुर में निवेश की योजना बना रही है.
इसके अलावा लीप एग्री लॉजिस्टिक्स मधुबनी के लोहट में निवेश करेगी, जबकि गौतम ट्रेडिंग एंड कंपनी खगड़िया के गोगरी में अपनी यूनिट लगाने की तैयारी में है. पटना समेत राज्य के कई जिलों में अलग-अलग सेक्टर की कंपनियां निवेश करने जा रही हैं, जिससे रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा.
गया के मानपुर में पावरलूम क्लस्टर
गया के मानपुर स्थित पावरलूम क्लस्टर को मंजूरी मिलना बिहार के टेक्सटाइल सेक्टर के लिए बड़ी राहत है. यहां अभी 10 से 15 साल पुराने पावरलूम का इस्तेमाल हो रहा है और आधुनिक सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही थी. नए क्लस्टर में डाइंग यूनिट, साइजिंग मशीन और प्रिंटिंग मशीन जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
पटवाटोली इलाके में तैयार होने वाली चादर, साड़ी, टिकन और कपड़े पहले से ही दिल्ली, यूपी, एमपी, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तक भेजे जाते हैं. अब तकनीकी उन्नयन के बाद यहां का उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बढ़ेंगे, जिससे बुनकरों की आमदनी में भी इजाफा होगा.
आईटी नीति 2024 के बाद बिहार बना निवेशकों की पसंद
आईटी नीति 2024 लागू होने के बाद बिहार में तकनीकी निवेश ने नई उड़ान भरी है. अब तक 22 से अधिक कंपनियां 827 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश का प्रस्ताव दे चुकी हैं. सरकार डेटा सेंटर, डिजिटल बिहार, बेहतर कनेक्टिविटी, डेटा सुरक्षा और ई-गवर्नेंस सिस्टम को मजबूत कर रही है.
जल्द ही बिहार में कंप्यूटर, लैपटॉप, ड्रोन और सोलर पैनल बनाने वाली कई कंपनियां काम शुरू करेंगी. इससे न सिर्फ तकनीकी विकास होगा, बल्कि बिहारी युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.
औद्योगिक बिहार की ओर बढ़ता मजबूत कदम
1024 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, आईटी सेक्टर में 827 करोड़ की प्रतिबद्धता और पावरलूम जैसे पारंपरिक उद्योगों का आधुनिकीकरण यह संकेत देता है कि बिहार अब तेजी से औद्योगिक पहचान बना रहा है. स्वास्थ्य, कृषि लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल और आईटी जैसे सेक्टर राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने वाले हैं.
