Bihar News: बिहार में अब ग्रेन ATM से मिलेगा सरकारी राशन, पटना में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

Bihar News: अब बिहार में भी ATM मशीन से अनाज मिलेगें. बैंक एटीएम की तरह काम करने वाला ग्रेन ATM जल्द ही बिहार के राशन सिस्टम की तस्वीर बदल देगा. इस योजना के लागू होने के बाद बिहार देश का चौथा राज्य बन जाएगा, जहां ग्रेन ATM के जरिए राशन वितरण होगा. इससे पहले ओडिशा, राजस्थान और हरियाणा में ग्रीन ATM से राशन दिया जा रहा है.

Bihar News: बिहार में सरकारी राशन बांटने का काम पूरी तरह टेक्नोलॉजी आधारित होने जा रहा है. राज्य में राशन के दुकानों पर ग्रेन ATM लगाने की योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

सबसे पहले पटना शहरी क्षेत्र में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा. पटना में तीन स्थानों पर ग्रेन ATM लगाने का प्रस्ताव है और एक-दो दिनों में इनके लिए जगह का चयन कर लिया जाएगा. इसके बाद एक से दो महीने के भीतर लोगों को ग्रेन ATM से राशन मिलने लगेगा.

क्या है ग्रेन ATM और कैसे करता है काम

ग्रेन ATM एक ऑटोमैटिक मशीन है, जो बैंक एटीएम की तरह काम करती है, लेकिन पैसे की जगह चावल, गेहूं और दाल जैसे अनाज देती है. बेनिफिशरी को अपने राशन कार्ड की जानकारी डालनी होगी और आधार से लिंक फिंगरप्रिंट के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन करना होगा.

वेरिफिकेशन होते ही मशीन लाभार्थी के हिस्से का अनाज तौलकर बाहर निकाल देती है. यह मशीन 24 घंटे काम कर सकती है और केवल पांच मिनट में 50 किलो तक अनाज देने की क्षमता रखती है.

पटना से होगी शुरुआत

सरकार के विशेष सचिव उपेंद्र कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार पटना जिले के अधिकारी को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त करने का जिम्मा दिया गया है. वे इस पायलट प्रोजेक्ट को लेकर केंद्र सरकार मिलकर काम देखेंगे.

योजना का मकसद है कि राशन बांटने को ज्यादा तेज और भरोसेमंद बनाया जाए, ताकि करीब आठ करोड़ राशन कार्डधारी बेनिफिशरी को समय पर और सही मात्रा में अनाज मिल सके.

खर्च कौन उठाएगा, किसकी जिम्मेदारी क्या होगी

केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार विश्व खाद्य कार्यक्रम यानी डब्ल्यूएफपी ग्रेन एटीएम मशीनों की खरीद, उनकी स्थापना, एक साल की वारंटी और एक साल के रखरखाव का खर्च वहन करेगा.

मशीन लगाने के लिए जगह तैयार करना, बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी, सीसीटीवी, सुरक्षा व्यवस्था और मानव संसाधन की तैनाती जैसी जिम्मेदारियां राज्य सरकार की होंगी. यानी तकनीक की लागत केंद्र से जुड़े संस्थान उठाएंगे और संचालन की जिम्मेदारी बिहार सरकार संभालेगी.

राशन व्यवस्था में क्यों माना जा रहा है इसे बड़ा बदलाव

ग्रेन ATM से लाइन में लगकर राशन लेने की व्यवस्था. वजन में गड़बड़ी की शिकायतें काफी हद तक खत्म होंगी. चोरी और कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी, क्योंकि पूरा सिस्टम डिजिटल और बायोमेट्रिक आधारित होगा.

सबसे अहम बात यह है कि इससे बेनिफिशरी को उनका हक बिना किसी बिचौलिए और झंझट के सीधे मिलेगा.

देश में चौथे राज्य के रूप में बिहार की एंट्री

ओडिशा, राजस्थान और हरियाणा के बाद बिहार चौथा राज्य होगा, जहां ग्रेन ATM से राशन बांटने की शुरुआत होगी. अगर पटना का पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा, तो इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा. इससे बिहार की राशन व्यवस्था देश के सबसे आधुनिक सिस्टम में शामिल हो जाएगी

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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