Bihar News: बिहार की दोनों बिजली कंपनियों साउथ और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन ने 13 हजार करोड़ रुपये के भारी-भरकम बकाये को वसूलने के लिए कमर कस ली है. होली का त्योहार खत्म होते ही पूरे प्रदेश में ‘डिस्कनेक्शन अभियान’ तेज कर दिया जाएगा.
अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जिन उपभोक्ताओं ने लंबे समय से बिल जमा नहीं किया है, उनके कनेक्शन काटने में अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी.
10 लाख से ज्यादा उपभोक्ता डिफॉल्टर
पोस्टपेड मीटर वाले 10 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के पास बिजली बिल बकाया है. कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि जो उपभोक्ता एकमुश्त भुगतान करने में असमर्थ हैं, वे संबंधित कार्यपालक अभियंता को आवेदन देकर किस्त में भुगतान की सुविधा ले सकते हैं. लेकिन बिना सूचना और बिना भुगतान के मामलों में सीधे डिस्कनेक्शन की कार्रवाई होगी.
बिजली कंपनियों की सख्ती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बकाया बिल पर 1.5 प्रतिशत प्रति महीने की दर से ब्याज वसूला जा रहा है. यानी अगर आप बिल जमा करने में देरी करते हैं, तो आपको सालाना 18 प्रतिशत का मोटा ब्याज चुकाना होगा.
कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि 10 लाख से अधिक पोस्टपेड उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने महीनों से भुगतान नहीं किया है कनेक्शन कटने के बाद न केवल आपको पूरा बकाया जमा करना होगा, बल्कि ‘डिस्कनेक्शन’ और ‘री-कनेक्शन’ शुल्क भी अलग से देना होगा, तभी आपके घर की बत्ती दोबारा जलेगी.
किस्तों में पैसे देने की राहत
पैसे की तंगी झेल रहे उपभोक्ताओं के लिए विभाग ने एक राहत भरा रास्ता भी खुला रखा है. जो उपभोक्ता एकमुश्त (एक साथ) सारा बिल जमा करने में असमर्थ हैं, वे अपने क्षेत्र के विद्युत कार्यपालक अभियंता (EE) के पास आवेदन देकर ‘किस्त’ बंधवा सकते हैं. इसके अलावा, विभाग ने डिस्काउंट का भी लालच दिया है.
अगर आप बिल जारी होने के 15 दिनों के भीतर भुगतान करते हैं, तो 1.5% की छूट मिलेगी. वहीं, ऑनलाइन पेमेंट करने पर 1% अतिरिक्त और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार तीन महीने पेमेंट करने पर भी विशेष छूट का प्रावधान है.
स्मार्ट प्रीपेड मीटर की होगी स्पेशल जांच
राज्य के 86 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए भी बड़ी अपडेट है. विभाग अब इन मीटरों की सघन जांच शुरू करने जा रहा है. खासकर उन घरों पर नजर रखी जाएगी जहां मीटर बाईपास कर बिजली चोरी की आशंका है. इसके लिए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर पर विशेष मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी.
अगर बिजली की खपत और बिलिंग में अंतर पाया गया, तो 31 मार्च तक बड़ी कार्रवाई की जा सकती है. स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 25 पैसे की रियायत मिलती रहेगी, लेकिन गड़बड़ी पकड़े जाने पर भारी जुर्माना तय है.
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