Bihar News: मिथिला की हृदयस्थली दरभंगा अब केवल यात्री उड़ानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह पूरे पूर्वी भारत के लिए विमानन क्षेत्र का एक बड़ा पावरहाउस बनने की ओर अग्रसर है. दिल्ली में आयोजित नागर विमानन मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की महत्वपूर्ण बैठक में स्थानीय सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने दरभंगा एयरपोर्ट की तस्वीर बदलने वाले कई क्रांतिकारी प्रस्ताव रखे हैं.
केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दरभंगा को एक अत्याधुनिक विमान अनुरक्षण केंद्र (MRO) के रूप में विकसित करने पर गंभीरता से चर्चा की गई.
नदियों के शहर में सी-प्लेन
सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने मिथिला क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाते हुए सुझाव दिया कि यहां की प्रचुर नदियों और विशाल जलाशयों को देखते हुए सी-प्लेन का संचालन शुरू किया जाना चाहिए.
इसके लिए एक विस्तृत पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की मांग की गई है, जो न केवल कनेक्टिविटी को सुधारेगा बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी एक नई ऊंचाई देगा. अगर यह योजना धरातल पर उतरती है, तो दरभंगा देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा जहां पानी से विमान उड़ान भरेंगे.
युवाओं के लिए एविएशन स्किल सेंटर
सिर्फ कनेक्टिविटी ही नहीं, बल्कि रोजगार के मोर्चे पर भी दरभंगा को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी है. बैठक में दरभंगा में एक ‘एविएशन स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ स्थापित करने पर जोर दिया गया है. पीपीपी मॉडल पर आधारित इस केंद्र में स्थानीय युवाओं को एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, ग्राउंड हैंडलिंग और तकनीकी कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा.
इसके साथ ही, ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए विमान के कल-पुर्जे बनाने वाली एमएसएमई इकाइयों और औद्योगिक क्लस्टर को विकसित करने का सुझाव दिया गया है, जिससे मिथिला में निजी निवेश के नए रास्ते खुलेंगे.
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तैयारी
दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर सांसद ने नाइट लैंडिंग सुविधा की शीघ्र शुरुआत, नए टर्मिनल भवन और हैदराबाद, पुणे एवं चेन्नई जैसे महानगरों के लिए सीधी उड़ानों की मांग दोहराई है. इतना ही नहीं, मखाना और मछली जैसे स्थानीय उत्पादों के निर्यात के लिए एक आधुनिक एयर कार्गो टर्मिनल की स्थापना का भी प्रस्ताव दिया गया है.
सबसे महत्वपूर्ण मांग एयरपोर्ट का नामकरण ‘कवि कोकिल बाबा विद्यापति’ के नाम पर करने और मैथिली भाषा में उद्घोषणा शुरू करने की रही, जिसे लेकर बिहार विधानसभा पहले ही प्रस्ताव भेज चुकी है.
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