Nalanda Stampede: मंगलवार को नालंदा में हुए भगदड़ की जांच लगातार जारी है. अब तक मामले में 4 पुजारियों को गिरफ्तार, 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड और 20 लोगों पर एफआईआर दर्ज किया जा चुका है. इस बीच भगदड़ के दौरान का सीसीटीवी फुटेज भी आ गया है. इसमें यह खुलासा हुआ कि भीड़ को कंट्रोल करने के बजाय श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की गई.
जब सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया तो पता चला कि पंडा समाज के ही कुछ लोगों की ओर से श्रद्धालुओं पर डंडे चलाए गए, जिससे भगदड़ और अधिक बढ़ गई. पुलिस ने भी यह क्लियर किया है कि यह हादसा पूरी तरह कुप्रबंधन और लापरवाही का परिणाम है. इस मामले की जांच बिमलेश कुमार को सौंपी गई है.
मंदिर में पूजा के लिए अवैध वसूली का आरोप
जानकारी के मुताबिक, दीपनगर थाना की पुलिस अधिकारी मौसमी कुमारी के लिखित आवेदन के आधार पर मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष सहित 20 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. आरोप है कि मंदिर समिति ने मेला या भीड़ प्रबंधन की कोई सूचना पुलिस को नहीं दी थी. गर्भगृह के पास जानबूझकर अवरोध खड़ा किया गया, ताकि अवैध वसूली की जा सके.
इस तरह से हुई पूरी घटना
बताया जा रहा है कि मंदिर के गर्भगृह में पूजा के लिए अवैध वसूली की जा रही थी. चैत्र महीने का आखिरी दिन होने की वजह से काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पूजा-पाठ करने पहुंचे. ऐसे में मंदिर के बाहर काफी लंबी लाइन में खड़े होकर श्रद्धालुओं को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा था. गिरफ्तार किए गए पुजारियों पर आरोप है कि वे पैसे लेकर लोगों को पीछे के दरवाजे से दर्शन कराने में लगे थे. अवैध वसूली की वजह से मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकलने में काफी वक्त लग जा रहा था.
दूसरी तरफ मेन गेट से मंदिर के गर्भगृह में जाकर पूजा करने के लिए धक्का-मुक्की होने लगी. एक-एक कर मंदिर में एंट्री के लिए बाहर बांस में रस्सी बांधी गई थी. लेकिन भीड़ बढ़ने से रस्सी पर दबाव बढ़ा और वह टूट गई. इसके बाद श्रद्धालु एक साथ मंदिर के गर्भगृह में घुसने लगे, जिससे मामला बिगड़ गया और भगदड़ मच गई. हादसे में 9 लोगों ने जान गंवा दी.
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