नवादा, मोतीपुर और सासामूसा में अगले साल मार्च तक खुलेंगी चीनी मिलें, सरकार ने तैयार किया प्लान

Bihar New Sugar Mills: बिहार में चीनी उद्योग को बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है. नवादा, मोतीपुर और सासामूसा में अगले वर्ष मार्च तक नई चीनी मिलें लगाने का लक्ष्य है. सकरी, रैयाम और लौरिया-सुगौली की परियोजनाओं पर भी काम आगे बढ़ेगा.

Bihar New Sugar Mills: बिहार में चीनी उद्योग को बढ़ावा देने की तैयारी तेज हो गई है. अगले वर्ष मार्च तक नवादा, मोतीपुर और सासामूसा में नई चीनी मिलें स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है. गुरुवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में चीनी उद्योग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक में नई मिलों के साथ गन्ना किसानों की समस्याओं और जलजमाव से राहत देने पर भी जोर दिया गया.

नवादा, मोतीपुर और सासामूसा में मार्च तक नई मिलें

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य में नई चीनी मिलें लगाने की योजना की समीक्षा की गई. इसमें बताया गया कि नवादा, मोतीपुर और सासामूसा में अगले वर्ष मार्च तक नई चीनी मिलें स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है.

गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने प्रस्तुतीकरण के जरिए पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी. बैठक में आगे की तैयारियों को लेकर भी जरूरी निर्देश दिए गए.

गन्ना किसानों के इलाकों में जलजमाव से मिलेगी राहत

गन्ना उगाने वाले जिलों में जलजमाव की समस्या भी बैठक का एक अहम मुद्दा रही. लंबे समय तक पानी जमा रहने से किसानों और गन्ने की खेती पर असर पड़ता है. इसे देखते हुए जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने पर जोर दिया गया.

जल संसाधन विभाग को गन्ना उत्पादक इलाकों के लिए बड़े स्तर की परियोजना का डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया गया है. इस योजना के जरिए गन्ना उत्पादन वाले क्षेत्रों में पानी जमा होने की समस्या को दूर करने की कोशिश होगी.

लौरिया-सुगौली मिल को लेकर HPCL से होगी बैठक

लौरिया और सुगौली चीनी मिल में प्रस्तावित परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए HPCL Biofuels Limited के साथ मुख्य सचिव स्तर पर बैठक करने का फैसला लिया गया है.

इस बैठक में परियोजना की स्थापना से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की जाएगी. इसका मकसद लौरिया और सुगौली चीनी मिल से जुड़ी प्रस्तावित परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता तैयार करना है.

नीलगाय की समस्या के लिए नई तकनीक पर काम

बैठक में बिहार के गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में नीलगाय से जुड़ी समस्या पर भी चर्चा हुई. नीलगाय के कारण खेती को होने वाले नुकसान से निपटने के लिए कृषि विभाग को नई तकनीक पर आधारित एक प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है.

कृषि विभाग इस प्रस्ताव को तैयार करके केंद्र सरकार के सामने रखेगा. यानी नीलगाय की समस्या से किसानों को राहत देने के लिए तकनीक आधारित समाधान तलाशने की तैयारी है.

सकरी और रैयाम में चीनी मिल लगाने की तैयारी

मधुबनी के सकरी और दरभंगा के रैयाम में चीनी मिल लगाने की योजना को लेकर भी बैठक में अहम फैसला लिया गया. इन दोनों जगहों पर मिल की स्थापना का रास्ता साफ करने के लिए प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है.

इसके लिए इंडियन पोटाश लिमिटेड, गन्ना उद्योग विभाग और सहकारिता विभाग मिलकर नई दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता मंत्री के सामने प्रस्ताव रखेंगे. इसके अलावा यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री, बिहार और केंद्रीय गृह मंत्री के सामने भी प्रस्तुत किया जाएगा.

जमीन से जुड़े मामले में महाधिवक्ता से ली जाएगी राय

सकरी और रैयाम में चीनी मिल लगाने के लिए जमीन के हस्तांतरण से जुड़ा मामला भी बैठक में उठा. इसके लिए बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक की स्वीकृति से संबंधित कानूनी पहलुओं पर चर्चा हुई.

मुख्य सचिव स्तर से इस मामले में महाधिवक्ता से राय लेने का निर्देश दिया गया है. जमीन हस्तांतरण से जुड़े जरूरी कानूनी कदमों को समझने के बाद आगे की प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी.

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मोतीपुर चीनी मिल की जमीन वापस लेने की प्रक्रिया तेज होगी

मुजफ्फरपुर की मोतीपुर चीनी मिल को लेकर भी बैठक में बड़ा फैसला लिया गया. मिल की जमीन वापस लेने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए वित्त विभाग से मिली राशि को इंडियन पोटाश लिमिटेड को नियम के अनुसार देने का निर्देश गन्ना उद्योग विभाग को दिया गया है.

जमीन वापस लेने की प्रक्रिया तेज होने से मोतीपुर में चीनी मिल की स्थापना से जुड़ी आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ होगा.

सासामूसा मिल के निवेशक से होगा संपर्क

सासामूसा चीनी मिल की स्थापना को लेकर भी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया है. न्यायालय से आदेश मिलने के बाद अब निवेशक के साथ समन्वय कर मिल की स्थापना की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी.

इसके साथ ही हथुआ राज की जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने का भी निर्देश दिया गया है. जमीन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सासामूसा चीनी मिल की स्थापना की दिशा में काम आगे बढ़ सकेगा.

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लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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