Bihar Ka Mausam: उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से आ रही बर्फीली पछुआ हवाओं ने बिहार के मौसम का मिजाज पलट दिया है. दिन में धूप भले ही राहत दे रही हो, लेकिन सूरज ढलते ही ठंड का असर तेज हो जा रहा है. किशनगंज समेत राज्य के आठ जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है.
IMD ने साफ किया है कि अगले 48 से 72 घंटों में तापमान में तीन डिग्री तक और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे रात और सुबह ज्यादा सर्द होंगी.
किशनगंज सबसे ठंडा, गया-बक्सर भी ठिठुरे
IMD के आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार को किशनगंज बिहार का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मधेपुरा, अगवानपुर, वाल्मिकीनगर, जिरादेई, बक्सर, गया और औरंगाबाद में भी रात का तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा.
दिलचस्प बात यह है कि एक ही दिन में कई जिलों में तापमान चार डिग्री तक गिर गया, जिससे लोगों को अचानक बढ़ी ठंड का सामना करना पड़ा.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही ठंडी पछुआ हवाएं बिहार में इस ठंड की मुख्य वजह हैं. इन हवाओं की रफ्तार 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक बनी हुई है. इसके साथ ही आठ फरवरी की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका असर बिहार के मौसम पर भी देखने को मिलेगा.
अभी और बढ़ेगी रात की सर्दी
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है. खासतौर पर उत्तर और दक्षिण बिहार के जिलों में रातें ज्यादा ठंडी होंगी. फिलहाल बारिश या घने कोहरे की कोई बड़ी चेतावनी नहीं है, लेकिन सुबह के समय हल्का कुहासा छाए रहने की संभावना जताई गई है. दिन का तापमान अभी 18.4 से 28.8 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है.
ठंड में सेहत को लेकर अलर्ट
पटना के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस बढ़ती ठंड में बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए. सुबह और शाम घर से निकलते समय गर्म कपड़े पहनना, ठंडे पानी से बचना और धूप का भरपूर लाभ लेना जरूरी है.
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