Bihar Infrastructure Development: पटना में ट्रैफिक जाम से जूझ रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है.जेपी गंगा पथ के विस्तार का काम शुरू हो चुका है, जो दीघा से कोईलवर तक की दूरी को सिर्फ 30 मिनट में तय करने लायक बना देगा.
36 किलोमीटर लंबी इस फोरलेन सड़क के बनने से न सिर्फ सफर आसान होगा, बल्कि पटना शहर के अंदर जाम की समस्या में भी बड़ी कमी आएगी.
36 किमी का मेगा प्रोजेक्ट
यह प्रोजेक्ट दीघा जेपी सेतु से शुरू होकर शेरपुर-बिहटा के रास्ते कोईलवर के नए पुल तक जाएगी. कुल 36 किमी लंबी इस सड़क में 18 किमी एलिवेटेड और 18 किमी एटग्रेड (जमीन पर) सड़क बनाई जाएगी. पथ निर्माण विभाग के अनुसार, इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 6500 करोड़ रुपये है और इसे हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर बनाया जा रहा है, जो बिहार में इस स्तर की पहली परियोजना मानी जा रही है.
अभी पटना से कोईलवर जाने के लिए लोगों को मनेर या खगौल-बिहटा रोड के पुराने एनएच से गुजरना पड़ता है, जहां जाम के कारण डेढ़ से दो घंटे का समय बर्बाद होता है.
हाइब्रिड एनवीटी मॉडल
यह सड़क निर्माण की कोई साधारण प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि बिहार में पहली बार ‘हाइब्रिड एनवीटी मॉडल’ का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस मॉडल की खासियत यह है कि निर्माण करने वाली एजेंसी को ही अगले 15 वर्षों तक सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी निभानी होगी, जिससे सड़क की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की बनी रहेगी.
यह सड़क दीघा जेपी सेतु से शुरू होकर शेरपुर-बिहटा के रास्ते सीधे कोईलवर के नए पुल से जाकर जुड़ेगी, जिससे बक्सर और आरा की तरफ जाने वाले यात्रियों को शहर के भीतर प्रवेश करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.
दानापुर से बिहटा तक ट्रैफिक का टेंशन खत्म
इस फोरलेन के बनने से केवल पटना ही नहीं, बल्कि सारण और वैशाली की कनेक्टिविटी भी काफी आसान हो जाएगी. यह मार्ग शेरपुर के पास शेरपुर-दिघवारा छह लेन पुल से भी जुड़ेगा, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच एक नया कॉरिडोर तैयार होगा.
दानापुर और शाहपुर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों को भी इस सड़क से जोड़ने की योजना है, जिससे स्थानीय लोगों को शहर के भारी ट्रैफिक और प्रदूषण से बड़ी राहत मिलेगी.
तय समय में काम पूरा करने का लक्ष्य
चार साल की समय सीमा के भीतर तैयार होने वाला यह प्रोजेक्ट न केवल समय बचाएगा, बल्कि बिहार के आर्थिक विकास को भी नई गति देगा. पटना से बिहटा और कोईलवर जाना किसी सुखद सैर से कम नहीं होगा.
इस प्रोजेक्ट का निर्माण हैदराबाद की कंपनी विश्व समुद्रा कर रही है. जमीन अधिग्रहण का काम 32 किमी हिस्से में पूरा हो चुका है. सरकार का लक्ष्य है कि इस सड़क को चार साल के भीतर तैयार कर लिया जाए.
Also Read: बिहार दिवस पर भोजपुरी एक्टर खेसारी लाल यादव बोले- अब बस अच्छी ब्रांडिंग चाहिए
