Ford Hospital: फोर्ड हॉस्पिटल में धनरुआ की 43 साल की महिला रीता देवी (बदला हुआ नाम) का जटिल फाइब्रॉइड का सफल लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन किया गया. महिला लंबे समय से पेट दर्द, माहवारी में अनियमितता और शौच करने में परेशानी से पीड़ित थी. कई अस्पतालों में दिखाने पर डॉक्टरों ने ओपन सर्जरी की सलाह दी थी. बाद में वह इलाज के लिए फोर्ड हॉस्पिटल पहुंची.
अल्ट्रासाउंड जांच में महिला के दाएं हिस्से में 6 सेंटीमीटर का पेडंक्युलेटेड (डंठलदार) फाइब्रॉइड पाया गया. स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. जागृति भारद्वाज और डॉ. अनिता सिंह की टीम ने सफल ऑपरेशन किया. महिला की हालत अब सामान्य है और उसे दो से तीन दिन के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
डॉ. जागृति भारद्वाज ने बताया कि लेप्रोस्कोपिक तकनीक से बिना बड़े चीरे के सर्जरी की गई, जिससे मरीज को कम दर्द हुआ और रिकवरी भी तेजी से हुई. जांच के दौरान यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि गांठ ओवरी की है या यूटरस के फाइब्रॉइड की. मामले की जटिलता को देखते हुए डॉक्टरों ने लेप्रोस्कोपिक सर्जरी करने का निर्णय लिया.
डॉ. भारद्वाज ने कहा कि महिलाओं को माहवारी में अनियमितता या अत्यधिक रक्तस्राव जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह फाइब्रॉइड या ओवेरियन मास का संकेत हो सकता है. समय पर जांच और इलाज से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है.
