Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है. गंगा, गंडक, पुनपुन और दरधा समेत कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से पानी नए इलाकों में घुस रहा है. कहीं खेत और फसलें डूब रही हैं, तो कहीं सड़कें बंद हो गई हैं और कहीं तेज कटाव ने रेलवे लाइन तक के लिए खतरा पैदा कर दिया है.
बाढ़ का असर अब सिर्फ घरों और खेतों तक नहीं, बल्कि सड़क, पुल, पंचायतों और रेलवे लाइन तक दिखाई दे रहा है. हालात को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद में हाई अलर्ट जारी किया है. नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है.
पटना में गंगा के साथ पुनपुन खतरे में
पटना में बाढ़ की स्थिति पर सबसे ज्यादा नजर गंगा के जलस्तर पर है. दीघा में गंगा खतरे के निशान से 1.17 मीटर, गांधी घाट पर 1.67 मीटर और हाथीदह में 1.32 मीटर ऊपर बह रही है. पूर्वानुमान के मुताबिक हाथीदह में शुक्रवार दोपहर तक गंगा के उच्चतम जलस्तर की सीमा पार करने की संभावना है. जबकि पुनपुन नदी श्रीपालपुर में खतरे के निशान से 2.29 मीटर और दरधा नदी कोल्हाचक में 3.07 मीटर ऊपर पहुंच गई है.
भागलपुर में फिर डूबे दियारा इलाके
भागलपुर जिले की बात करें तो, यहां 24 घंटे के दौरान गंगा का जलस्तर लगभग 15 सेंटीमीटर बढ़ा है. इसके बाद नाथनगर, नवगछिया और पीरपैंती के दियारा इलाकों में दोबारा पानी भर गया. खेतों में लगी फसल और चारा भी डूब गया है.
खगड़िया में 4 नदियां खतरे के निशान के ऊपर
खगड़िया में हालात इसलिए गंभीर हैं क्योंकि यहां कई नदियां लाल निशान के ऊपर हैं. गंगा 1.01 मीटर, कोसी 1.19 मीटर, बागमती 1.20 मीटर और बूढ़ी गंडक 44 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है.
राघोपुर में कटाव ने बढ़ाई चिंता
राघोपुर में भी भयावह स्थिति देकी जा रही है. मार्जिनल बांध के दो-तीन किलोमीटर के दायरे में रेलवे लाइन के आसपास भीषण कटाव और मिट्टी धंस रही है. गंगा की मुख्य धारा रेलवे लाइन के बेहद करीब पहुंच गई है. राघोपुर की लगभग सभी पंचायतें प्रभावित हैं और 20 पंचायतों का मुख्य सड़क से संपर्क टूट गया है.
मुंगेर और मधेपुरा में भी बढ़ रहा पानी
मुंगेर में 24 घंटे में गंगा का जलस्तर करीब 36 सेंटीमीटर बढ़ा है. जबकि मधेपुरा के आलमनगर और चौसा में करीब एक लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है. सहरसा में लगभग 6 गांवों में पानी घुस गया है. समस्तीपुर में गंगा का पानी बढ़ने से करीब 24 गांव बाढ़ की चपेट में हैं. पश्चिम चंपारण में योगापट्टी-छोटा चौमुखा से सिसवा मंगलपुर जाने वाली मुख्य सड़क पर दो से तीन फीट पानी बह रहा है, जिससे आवागमन बंद हो गया है.
बांका और मुंगेर में तेज बहाव में डायवर्सन बहा
जानकारी के मुताबिक, बांका के कुरमा गांव में ईदगाह के पीछे मिर्चनी नदी और मुंगेर के बरसंडा गांव के पास निर्माणाधीन पुल के लिए बनाया गया डायवर्सन तेज बहाव में बह गया है. इस तरह से बिहार के कई जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है. लेकिन प्रशासन की ओर से लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई जा रही है.
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