बिहार चुनाव 2020: नालंदा में कोरोना के खौफ पर लोकतंत्र का महापर्व भारी पड़ा, जानें जिला प्रशासन ने किसे किया सम्मानित

नालंदा जिले के सभी 20 प्रखंडों के महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षा को लेकर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी.

बिहारशरीफ. नालंदा जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हो गया. इसके साथ ही 144 प्रत्याशियों का भाग्य इवीएम में बंद हो गया. कोरोना के खौफ पर लोकतंत्र का महापर्व भारी पड़ा.

सरमेरा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय सरमेरा पर धर्मपुर गांव निवासी 72 वर्षीय विशुनी पंडित की हृदय गति रुकने से मौत हो गयी. नालंदा जिले के 3168 बूथों पर मंगलवार की शाम तीन बजे तक करीब 45.46 प्रतिशत वोटिंग हुई.

कई ऐसे युवा मतदाता जिन्होंने पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग किया, उन्हें जिला प्रशासन ने पौधा व प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया. महिलाओं ने भी बढ़-चढ़ कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

नालंदा के जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह व एसपी निलेश कुमार ने बताया कि किसी तरह की कोई गड़बड़ी की शिकायत नहीं है. बूथों पर मेडिकल टीम की तैनाती के अलावा थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था थी.

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नालंदा जिले के सभी 20 प्रखंडों के महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षा को लेकर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. इस चुनाव में नालंदा सीट सबसे हॉट मानी जा रही है, जहां से सातवीं बार चुनाव मैदान में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार डटे हुए हैं. यहां 52.11 फीसदी मतदान हुआ.

Posted by Ashish Jha

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