Pushpam Priya Choudhary News: बिहार की राजनीति में अखबार के विज्ञापन के जरिये एंट्री करने वाली लंदन रिटर्न पुष्पम प्रिया चौधरी विधानसभा चुनाव में ताल ठोक रही हैं. लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से पढ़ाई करने वाली पुष्पम की पार्टी ‘प्लूरल्स’ के नाम और निशान पर वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव ने सवाल उठाए हैं.
उन्होंने पु्ष्पम प्रिया की एक ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा- उचित होता आप पहले अपने समर्थकों फिर बिहार तो छोड़िए पटना में ही सर्वेक्षण करातीं कि ‘प्लूरल्स’ का अर्थ-संदर्भ कितने प्रतिशत समझते हैं. इस आयातित नाम, भाषा से क्रांति/व्यवस्था परिवर्तन कैसे आएंगे? आपका संविधान, उसके मूल्य, लक्ष्य, संकल्प कितने समझेंगे हिंदीभाषी बिहार में?
https://twitter.com/rahuldev2/status/1315357125862850560
इसके बाद उन्होंने लिखा कि अभी युवा पुष्पम प्रिया चौधरी द्वारा बिहार के आमूल परिवर्तन, विकास के लिए समर्पित नए दल प्लूरल्स पार्टी का खाता, चिह्न, पुष्पम की कुछ ट्वीटें देखीं दिमाग ने पूछा, बिहार के कितने नागरिक यह नाम समझेंगे? चिह्न पिगैसस (Pegasus) ग्रीक पुराणों का दैवी अश्व, समझेंगे?
उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा- लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र पढ़ कर बिहार राजनीति में नया विकल्प बनने के लिए चुनाव में कूदीं पुष्पम निश्चय ही बड़े, ऊंचे, शुद्ध लक्ष्यों के साथ आई होंगी. लेकिन अपनी पार्टी का नाम-निशान चुनने में उनकी पसंद ने उनकी राजनीतिक समझ पर मन में संशय खड़ा कर दिया है.
https://twitter.com/rahuldev2/status/1315364116668669952
फिर लिखा कि उन्होंने काफी जगहों से उम्मीदवार खड़े किए हैं. निश्चय ही संसाधन, कार्यकर्ता जुटा लिए हैं. उम्मीदवारों में युवा पत्रकार मित्र शांभवी भी हैं यह कल पता चला. नई पार्टी को शुभकामनाएं किंतु यह प्रश्न मन में बना रहेगा.
गौरतलब है कि बिहार चुनाव में पुष्पम प्रिया चौधरी की चर्चा काफी हो रही है. पुष्पम ने प्लूरल्स पार्टी बनाई और चुनावी मैदान में हैं. 71 सीटों पर हो रहे पहले चरण के चुनाव में 61 उम्मीदवार उतारे लेकिन चुनाव आयोग ने 28 के नामांकन अवैध घोषित किए. पुष्पम खुद पटना के बांकीपुर से बीजेपी के नितिन नवीन को टक्कर दे रही हैं. वहीं मधुबनी के बिस्फी से भी चुनाव लड़ने का ऐलान किया है.
Posted By: Utpal kant
