Bihar News: बिहार की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. शिक्षा विभाग नई ट्रांसफर और कैडर पुनर्गठन नीति पर काम कर रहा है, जिसके तहत प्राथमिक स्कूलों में अब B.Ed डिग्रीधारी शिक्षक नहीं पढ़ा पाएंगे. यह बदलाव लागू होने पर स्कूलों में शिक्षक तैनाती का पूरा ढांचा बदल जाएगा.
प्राथमिक स्कूलों में सिर्फ PRT शिक्षक पढ़ाएंगे
नई व्यवस्था के अनुसार कक्षा 1 से 5 तक केवल PRT (प्राइमरी टीचर) ही पढ़ा सकेंगे. इससे प्राथमिक शिक्षा को अधिक केंद्रित और बच्चों के स्तर के अनुसार बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
मध्य और माध्यमिक स्कूलों में भेजे जाएंगे B.Ed शिक्षक
प्रस्तावित नीति के तहत B.Ed डिग्रीधारी शिक्षकों को प्राथमिक स्कूलों से हटाकर छठी से ऊपर की कक्षाओं में पदस्थापित किया जाएगा. कक्षा 6 से 10 तक TGT शिक्षक और 11वीं-12वीं तक PGT शिक्षक पढ़ाएंगे.
शिक्षा मंत्री ने दिया 25 जून तक पूरा करने का लक्ष्य
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि पूरी प्रक्रिया 25 जून तक पूरी कर ली जाएगी. इसके बाद नई ट्रांसफर नीति को राज्य में लागू किया जाएगा.
NEP और कोर्ट के फैसलों के अनुरूप लिया जा रहा फैसला
यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विभिन्न न्यायिक फैसलों की भावना के अनुसार किया जा रहा है. इसका उद्देश्य शिक्षकों की योग्यता के आधार पर सही स्तर पर तैनाती सुनिश्चित करना है.
शिक्षक असंतुलन खत्म करने पर फोकस
नई नीति से स्कूलों में शिक्षकों की कमी और विषयवार असंतुलन को दूर करने में मदद मिलेगी. शिक्षकों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार स्थानांतरित किया जाएगा.
प्राथमिक शिक्षा में गुणवत्ता सुधार का दावा
विभाग का मानना है कि छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए अलग शिक्षण दक्षता की जरूरत होती है. इसी वजह से प्राथमिक स्तर पर विशेष रूप से प्रशिक्षित शिक्षकों की तैनाती की जाएगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा.
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