3 साल में सिर्फ 17% काम, बिहार के इस बड़े 6-लेन ब्रिज की रफ्तार सुस्त, अब 2028 तक होगा तैयार

Bihar Six Lane Bridge: पटना और उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी बदलने वाला दीघा-सोनपुर 6-लेन ब्रिज अभी धीमी रफ्तार में फंसा है. तीन साल में महज 17.24% काम पूरा हुआ है. जमीन अधिग्रहण की बाधा नहीं होने के बावजूद अब इसकी डेडलाइन बढ़ाकर दिसंबर 2028 कर दी गई है.

Bihar Six Lane Bridge: गंगा नदी पर जेपी दीघा ब्रिज के समानांतर बन रहा दीघा-सोनपुर 6-लेन ब्रिज पटना के लिए बेहद अहम प्रोजेक्ट है. इस पुल से पटना और उत्तर बिहार के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है. लेकिन निर्माण की रफ्तार ने चिंता बढ़ा दी है. अगस्त 2024 में शुरू हुई इस परियोजना को नवंबर 2027 तक पूरा किया जाना था. करीब तीन साल बाद भी सिर्फ 17.24% काम ही पूरा हो पाया है.

जमीन की अड़चन नहीं, फिर भी काम की रफ्तार धीमी

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए जमीन अधिग्रहण की कोई बड़ी अड़चन नहीं है. पुल के दोनों तरफ पहले से ही एप्रोच रोड तैयार हैं. ऐसे में अतिरिक्त जमीन की जरूरत भी नहीं है.

इसके बावजूद निर्माण एजेंसी काम की रफ्तार बढ़ाने में कामयाब नहीं हो पा रही है. धीमी प्रगति को देखते हुए अब सरकार ने परियोजना की समय सीमा बढ़ा दी है.

नवंबर 2027 की जगह दिसंबर 2028 हुई डेडलाइन

सरकार ने अब दीघा-सोनपुर 6-लेन ब्रिज को पूरा करने की समय सीमा एक साल बढ़ा दी है. नई डेडलाइन दिसंबर 2028 तय की गई है.

हालांकि, मौजूदा रफ्तार को देखते हुए नई समय सीमा भी चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है. यह पूरा एक्स्ट्रा डोज केबल ब्रिज करीब 3064.45 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है.

निर्माणाधीन ब्रिज की तस्वीर

आखिर क्यों जरूरी है नया 6-लेन ब्रिज?

मौजूदा जेपी सेतु का रास्ता बढ़ती आबादी और ट्रैफिक के दबाव के सामने अब छोटा पड़ने लगा है. 2006 में रेल ब्रिज के ऊपर बनने के कारण इस पर डिवाइडर के बिना करीब 8 मीटर चौड़ा संकरा रास्ता ही उपलब्ध हो पाया था.

जून 2017 में जेपी सेतु के चालू होने के बाद से इस रूट पर यातायात लगातार बढ़ा है. अब नया 6-लेन ब्रिज इस दबाव को कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है.

पटना का तेजी से हो रहा विस्तार

पटना शहर का विस्तार अब गंगा पार सारण के नयागांव और सोनपुर की तरफ तेजी से हो रहा है. सोनपुर में गंगा पार नया सेटेलाइट शहर बसाने के लिए जमीन अधिग्रहण का काम भी शुरू हो चुका है.

ऐसे में आने वाले वर्षों में इस इलाके में आबादी और वाहनों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है. नया 6-लेन पुल इस बढ़ते दबाव को संभालने के लिहाज से काफी अहम होगा.

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सोनपुर में देश का पांचवां सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट

सोनपुर के दरियापुर चंवर में पूर्वी भारत का पहला और देश का पांचवां सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट मंजूर हो चुका है. इसके अलावा बेला रेल चक्का फैक्ट्री भी इसी इलाके में है.

इन परियोजनाओं के कारण सोनपुर और आसपास के क्षेत्रों का महत्व तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में पटना से सोनपुर की बेहतर कनेक्टिविटी आने वाले समय में और जरूरी हो जाएगी.

8 जिलों और यूपी को मिलेगा सीधा फायदा

नए ब्रिज के बनने से उत्तर बिहार के कई जिलों को सीधा फायदा मिलेगा. सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर और वैशाली की आबादी के लिए पटना पहुंचना आसान होगा.

इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे पटना के दोनों हिस्सों में 8-8 लेन पुल की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी.

पटना-बेतिया हाईवे के लिए भी अहम

दीघा-सोनपुर 6-लेन ब्रिज सिर्फ पटना और सोनपुर की कनेक्टिविटी के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है. यह नए पटना-बेतिया नेशनल हाईवे (NH-139W) का भी अहम हिस्सा है.

यह हाईवे भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है. इसका विस्तार पटना एम्स से बेतिया तक है. आगे यह नेपाल सीमा और बौद्ध सर्किट से भी जुड़ता है.

धीमी रफ्तार ने बढ़ाई चिंता

एक तरफ पटना और सोनपुर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है. दूसरी तरफ करीब 3064 करोड़ रुपये की इस महत्वपूर्ण परियोजना का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है. जमीन अधिग्रहण की बाधा नहीं होने के बावजूद तीन साल में 17.24% काम पूरा होना सवाल खड़े करता है. अब डेडलाइन दिसंबर 2028 तक बढ़ाई गई है.

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लेखक के बारे में

By अभिनंदन पांडेय

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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