Bihar Crime: ज्योति हत्याकांड की जांच करने पकड़ी पहुंचे एसपी, मुखिया के परिजनों ने साक्ष्यों को मिटाने में पायी थी सफलता

Bihar Crime: वीआईपी के नेता सुरेंद्र प्रसाद की बेटी ज्योति हत्याकांड की जांच करने पुलिस कप्तान अवधेश दीक्षित पकड़ी गांव में पहुंचे. घटनास्थल की गहनता से जांच की. मुखिया शंभू सहनी का परिवार घर छोड़ कर फरार हो चुका था. घटना के बाद साक्ष्य को पूरी तरह से मिटा दिया गया था. एसपी ने घटनास्थल को खंगाला. इसके साथ ही थानेदार को मुस्तैदी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

Bihar Crime: ज्योति हत्याकांड मामले की जांच करने खुद घटना स्थल पर मंगलवार को गोपालगंज एसपी पहुंचे. एसपी ने घटनास्थल की जांच की. घटना के बाद से ही मुखिया शंभू सहनी का परिवार घर छोड़ कर फरार है. ज्योति की हत्या करने के बाद साक्ष्य को पूरी तरह से मिटा दिया गया था. एसपी ने घटना की बारीकी से समझने के बाद कांड के अभियुक्तों को तत्काल प्रभाव से अरेस्ट करने का आदेश दिया. एसपी की सख्ती को देखते हुए थानेदार का रुख भी बदल गया.

गिरफ्तारी के लिए पुलिस कर रही छापेमारी

पुलिस ने परसौनी पंचायत के मुखिया शंभू सहनी के परिजनों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी का दावा किया. वहीं, सूत्रों ने बताया कि पुलिस कप्तान के लौटने के साथ ही मुखिया अपने घर से सभी सामान को भी उठाकर ले गये. उधर, घटना को लेकर ज्योति के पिता मिठाई कारोबारी सुरेंद्र प्रसाद ने अपने साथ कई कारोबारियों के साथ राज्य नागरिक परिषद के उपाध्यक्ष मंजीत सिंह को ज्ञापन सौंप कर इंसाफ करने की अपील की. मंजीत सिंह ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस केस में पुलिस निष्पक्षता से जांच कर दोषियों को सजा दिलायेगी.

पुलिस कप्तान ने कहा, स्पीडी ट्रायल करा कर दिलायेंगे सजा

पुलिस कप्तान अवधेश दीक्षित से पीड़ित परिजनों ने जिला परिषद अध्यक्ष सुभाष सिंह के साथ मिलकर अपनी पीड़ा को सुनाया. एसपी ने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि पुलिस कांड की जांच कर रही है. दोषी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जायेंगे. केस में स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलायी जायेगी. इस केस की मॉनिटरिंग खुद कर रहे हैं.

दहेज के लिए प्लानिंग के तहत की गयी थी हत्या

सरेया वार्ड नंबर तीन के रहने वाले वीआईपी कोषाध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद ने अपनी बेटी ज्योति की शादी 20 मई 2023 को महम्मदपुर थाना क्षेत्र के पकड़ी वार्ड नंबर -1 के रहने वाले तथा परसौनी ग्राम पंचायत के मुखिया शंभु सहनी के पुत्र राजू सहनी के साथ की थी. शादी में अपनी औकात के मुताबिक उपहार भी दिया था. ज्योति को एक छह माह का पुत्र भी है. सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि उनकी पुत्री अपनी ससुराल में थी. बीच-बीच में कई बार ससुराल के लोगों के द्वारा उसे दहेज में कार की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता था.

दहेज के लिए हत्या करने का आरोप

दामाद के मछली के हेचरी खोलने के लिए पांच लाख रुपये की मांग कर रहे थे. इसे पूरा कर पाने में सुरेंद्र प्रसाद असमर्थ थे. कई बार ससुराल में जाकर परिजनों को समझा कर पुत्री को ठीक से रखने का आग्रह किया था. इस बीच गत चार जुलाई की सुबह 5:30 बजे सुरेंद्र प्रसाद के समधी शंभू सहनी ने कॉल कर बताया कि आपकी लड़की सुबह अपने कमरे में नहीं है. वह अपने पुत्र को छोड़ कर कहीं चली गयी है. हत्या पूरे प्लान के तहत की गयी थी.

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लेखक के बारे में

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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