Bihar Cabinet Expansion: नीतीश कैबिनेट विस्तार में HAM-VIP की पूरी नहीं हुई आस, बिहार के इन दिग्गज चेहरों को भी लगा झटका

Bihar Cabinet Expansion: बिहार में आखिरकार मंगलवार को नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार (Nitish Cabinet Expansion) हो गया. भाजपा (BJP) के नौ और जदयू ( JDU)कोटे से आठ मंत्रियों ने मंत्री पद की शपथ ली. इस मंत्रिमंडल विस्तार में राजग में शामिल जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi)की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और मुकेश साहनी (Mukesh Sahani)विकासशील इंसान पार्टी (VIP) से किसी को भी मंत्री नहीं बनाया गया है.

Bihar Cabinet Expansion: बिहार में आखिरकार मंगलवार को नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार (Nitish Cabinet Expansion) हो गया. भाजपा (BJP) के नौ और जदयू ( JDU)कोटे से आठ मंत्रियों ने मंत्री पद की शपथ ली. इस मंत्रिमंडल विस्तार में राजग में शामिल जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi)की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और मुकेश साहनी (Mukesh Sahani)विकासशील इंसान पार्टी (VIP) से किसी को भी मंत्री नहीं बनाया गया है.

वो भी तब जब मांझी ने कुछ दिन पूर्व ये कहा था कि उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से एक मंत्री पद और एक एमएलसी की सीट दें. हालांकि नीतीश कैबिनेट विस्तार पर उन्होंने ट्वीट कर बधाई दी है.

वहीं इस संबंध में मुकेश साहनी की ओर कोई मांग नहीं की गयी थी. उनकी पार्टी से एकमात्र वो मंत्री बने हैं. उन्हें विधानसभा चुनाव में हार मिली थी जिसके बाद हाल ही में उन्हें एमएलसी बनाया गया है. बता दें कि बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बीते कई दिनों से अटकलबाजी चल रही थी. भाजपा और जदयू में इसको लेकर खींचतान भी खूब चली. विपक्ष ने भी इसे लेकर सत्ता पक्ष पर जमकर निशाना साधा था.

सरकार गठन के करीब 84 दिन बाद नीतीश मंत्रिमंडल का विसतार हुआ. इस विस्तार से उन दिग्गज चेहरों को भी झटका लगा जो ये मान कर चल रहे थे कि उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी. कयास लगाए जा रहे थे कि भागीरथी देवी, महेश्वर हजारी, संजीव चौरसिया, ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानु, संजय सरावगी और नीतीश मिश्रा मिश्रा जैसे चेहरों को नीतीश मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं.

कैबिनेट विस्तार में नये युवाओं को कमान

नीतीश सरकार के कैबिनेट विस्तार के बाद नये युवाओं को कमान मिली है. इसके अलावा चार ऐसे नेताओं को भी मंत्री पथ की शपथ दिलायी गयी है. जो पहले से कभी ना कभी मंत्री रहे हैं. इसमें सबसे पहला नाम सम्राट चौधरी का है. सम्राट चौधरी वर्ष 1999 में कृषि मंत्री रह चुके है. इसके साथ ही वो एनडीए की गठबंधन वाली सरकार में वर्ष 2014 में नगर विकास व आवास विभाग के मंत्री भी रहे थे. वो आधा दर्जन से अधिक बार विधायक और एक बार सांसद भी रह चुके हैं. दूसरा नाम श्रवण कुमार का है.

श्रवण कुमार एनडीए की पिछली सरकार में जदयू कोटे से मंत्री थे. उन्हें ग्रामीण विकास विभाग व संसदीय कार्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली थी. अब उन्हें दोबारा मंत्री बनाया गया है. जानकारों की मानें तो श्रवण कुमार जदयू में नीतीश कुमार के बाद सेकेंड लाइन के नेता माने जाते हैं. इसके अलावा संजय झा को भी जदयू कोटे से दोबारा मंत्री बनाया गया है. संजय झा पूर्व में जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. चौथा नाम लेसी सिंह का है. लेसी सिंह पिछली नीतीश सरकार में समाज कल्याण मंत्री थी.

Also Read: Bihar Cabinet Expansion: नीतीश कैबिनेट में पूर्व IPS को जगह, लेकिन पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय को न विधायकी मिली ना मंत्री पद, VRS लेकर JDU में आए थे

Posted By: Utpal kant

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >