Bihar News: बिहार में नौकाघाटों की बंदोबस्ती को लेकर सरकार ने बदलाव किया है. अब आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग नौकाघाटों की बंदोबस्ती नहीं ले सकेंगे.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार नौकाघाट बंदोबस्ती एवं प्रबंधन नियमावली-2026 में कई नए प्रावधान किए हैं. इसके तहत ऐसे लोगों को बंदोबस्ती प्रक्रिया से बाहर रखा गया है, जिनके खिलाफ किसी न्यायालय में आपराधिक मामला लंबित है.
बाहुबलियों के दबदबे पर लगेगी रोक
अब तक कई नदी घाटों की बंदोबस्ती पर स्थानीय दबंगों और आपराधिक छवि वाले लोगों का प्रभाव रहा है. नई नियमावली के बाद सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव करने की कोशिश की है.
नए नियमों के तहत बंदोबस्ती लेने वाले व्यक्ति की पृष्ठभूमि की जांच की जाएगी. इसके बाद ही उसे घाट संचालन की अनुमति मिलेगी.
सूर्योदय से सूर्यास्त तक होगा नौका संचालन
नई व्यवस्था में नौका परिचालन का समय भी तय किया गया है. अब सामान्य स्थिति में नावों का संचालन सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही किया जा सकेगा. अगर किसी वजह से रात में नाव चलाने की जरूरत पड़ती है तो इसके लिए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करनी होगी.
इसके अलावा नाव पर लीजधारी का नाम और किराया भी साफ-साफ दर्ज करना अनिवार्य होगा.
मौसम और नदी की स्थिति देखकर चलेगी नाव
नई नियमावली में यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है. नाव चलाने से पहले नाविकों को मौसम और नदी की धारा की स्थिति का ध्यान रखना होगा. अगर मौसम खराब है या नदी की स्थिति सुरक्षित नहीं है तो नाव का परिचालन नहीं किया जाएगा.
यात्रियों और सामान का रखना होगा रिकॉर्ड
हर नाव यात्रा का पूरा रिकॉर्ड रखना जरूरी होगा. इसमें नाव पर सवार यात्रियों की संख्या और सामान के वजन की जानकारी दर्ज करनी होगी. निजी नावों का भी पंजीकरण कराना होगा. हालांकि, उनका इस्तेमाल व्यावसायिक कार्यों के लिए नहीं किया जा सकेगा.
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सुरक्षा इंतजाम होंगे जरूरी
नए नियमों के अनुसार लीजधारकों को यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने होंगे. नाव पर डूबने से बचाने वाले उपकरणों के साथ-साथ अग्नि सुरक्षा के उपाय भी रखने होंगे.
सरकार ने क्यों बनाई नई नियमावली?
बिहार में कई नदियों में आवागमन के लिए नावों का इस्तेमाल होता है. लेकिन कई जगह नाविक क्षमता से ज्यादा यात्रियों को बैठा लेते हैं.
सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण बरसात के समय नाव दुर्घटनाओं की खबरें सामने आती रहती हैं. इन हादसों में जान-माल का नुकसान होता है और सरकार को मुआवजा भी देना पड़ता है.
इसी को देखते हुए सरकार ने सुरक्षित और व्यवस्थित नौका परिचालन के लिए नई नियमावली तैयार की है.
