बिहार में अब फटाफट होगी जमीन की ई-मापी, डेपुटेशन पर भेजे जायेंगे सरकारी अमीन

Bihar Bhumi: बिहार में जमीन की ई-मापी को लंबित देखते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से पहल की गई है. विभाग ने ई-मापी में तेजी लाने के लिए सरकारी अमीनों को डेपुटेशन पर भेजे का निर्णय लिया है. राज्य में लगभग 45 हजार मामले लंबित हैं.

पटना से कृष्ण कुमार की रिपोर्ट
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बिहार में जमीन की ई-मापी को लेकर सरकार ने खास पहल की है. बड़ी संख्या में जमीन से जुड़े लंबित मामलों को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने फैसला लिया कि अब सरकारी अमीनों की डेपुटेशन पर तैनाती करके इसमें तेजी लाई जायेगी. इसके तहत ई-मापी के लिए कम और अधिक आवेदन वाले अंचलों की पहचान की जायेगी.

इस तरह सरकारी अमीनों का किया जाएगा डेपुटेशन

ई-मापी के कम आवेदन वाले अंचलों से अमीनों को फुरसत मिलते ही उनका डेपुटेशन ई-मापी के लिए अधिक आवेदन वाले अंचलों में कर दिया जायेगा. विभाग का मानना है कि इससे ई-मापी के आवेदनों के समाधान में तेजी आयेगी. राज्य में राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान ई-मापी के लंबित आवेदनों की जानकारी मिलने पर विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने भी इसके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक पहल करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया है.

राज्य में 45 हजार मामले अब तक लंबित

सूत्रों के अनुसार, राज्य में ई-मापी के करीब 45 हजार मामले लंबित हैं. इन सभी का समाधान तय समय सीमा में नहीं हुआ है. कई जिलों में लोगों को अपनी जमीन की मापी के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है. इसे देखते हुए विभाग ने प्रशिक्षित अमीनों को सेवा में लेने की भी योजना बनाई है. इससे तय समय में ई-मापी का काम पूरा किया जा सकेगा. ऐसे प्रशिक्षित अमीनों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग से करने की तैयारी शुरू हो चुकी है.

सरकार का ये है मकसद

जानकारी के मुताबिक, जमीन मापी से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने ई-मापी का तय समय में समाधान और लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटारे के लिए तैयारी तेज कर दी है. इसका मकसद जमीन विवादों का तेजी से समाधान करना भी है.

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Published by: Preeti Dayal

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