Bihar Jamabandi Sudhar: बिहार में अब जमाबंदी शुद्धीकरण के लिए अंचल कार्यालयों को रैयत के आवेदन का इंतजार नहीं करना होगा. इस संबंध में सभी अंचल अधिकारियों को पहल का निर्देश दिया गया है. जिन मामलों को जमाबंदी में त्रुटि के कारण पहले रिजेक्ट किया गया है, उनकी भी समीक्षा कर आवश्यक सुधार के बाद समाधान की जिम्मेदारी अंचल अधिकारियों को दी गयी है.
यह निर्देश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने दिया है. वे पटना के शास्त्रीनगर स्थित राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में सारण, सुपौल और पश्चिम चंपारण जिले के अंचल अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे. समीक्षा के क्रम में राजस्व महा-अभियान के 99 प्रतिशत आवेदनों को रिजेक्ट कर देने के कारण सारण जिले के परसा, अमनौर और दरियापुर के अंचलाधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए गए.
मंत्री बोले- भू-अर्जन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने विभागीय अधिकारियों से कहा है कि भू-अर्जन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. विकास की रफ्तार रोकने वालों की जवाबदेही तय होगी. नोटिस तामिला के 14 दिन बाद संबंधित पक्ष को रिमाइंडर जरूर भेजा जाए.
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साथ ही न्यायालय में विचाराधीन मामलों की हर एक स्थिति से निदेशालय को अवगत कराने और लीगल सेल से उनका अध्ययन कराकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को भी कहा. मंत्री ने यह बातें राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थानमें भू-अर्जन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा में कहीं.
इस आवेदन के लिए पटना आने की जरूरत नहीं
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा है कि वासभूमि के आवेदन के लिए वासभूमिहीन लाभार्थियों को पटना आने की जरूरत नहीं है. उन सभी को अंचल कार्यालय में ही आवेदन जमा करना है. आवेदन प्राप्त करने के बाद आवेदक को उसकी रसीद भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवेदन जमा होने का प्रमाण आवेदक के पास रहे. अगर अंचल कार्यालय में आवेदन स्वीकार नहीं किए जाने के कारण किसी आवेदक को पटना स्थित राज्य मुख्यालय आना पड़ता है, तो संबंधित अंचल अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जायेगी.
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