Bihar Land Survey: बिहार के बेतिया जिले में विशेष भूमि सर्वेक्षण का काम तेजी से चल रहा है. इसके तहत 57 गांवों का प्रपत्र-25 प्रकाशित कर दिया गया है. इन गांवों की जमीन का नक्शा और खतियान तैयार कर संबंधित अंचलों को सौंप दिया गया है. अब इसी आधार पर रैयत अपने नाम से जमाबंदी सृजित करा सकेंगे.
57 गांवों में पूरा हुआ अहम काम
विशेष भूमि सर्वेक्षण के तहत पहले चरण में शुरू किए गए 224 मौजों में प्रपत्र-25 की प्रक्रिया चल रही है. संबंधित गांवों में जमीन का नक्शा और खतियान तैयार करने का काम किया जा रहा है.
प्रपत्र-25 की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित अंचलों को नक्शा और खतियान उपलब्ध करा दिया जाएगा. इसके आधार पर जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
224 गांवों में खानापूरी का काम पूरा
जिले के पहले चरण के चार अंचलों के 224 गांवों में विशेष भूमि सर्वेक्षण के तहत खानापूरी का काम पूरा हो चुका है. वहीं, जिले के बाकी 13 अंचलों में त्रिसीमाना और ग्राम सीमा सत्यापन का काम भी पूरा कर लिया गया है.
खानापूरी के दौरान सर्वेक्षण से तैयार नक्शे के आधार पर खेसरा नंबर दर्ज किए गए हैं. इसके साथ रैयत, खेसरा और दखल समेत जमीन से जुड़े जरूरी विवरण भी अभिलेख में दर्ज किए गए हैं.
13 अंचलों में किश्तवार और खानापूरी जारी
जिले के 13 अंचलों में किश्तवार और खानापूरी का काम अभी जारी है. इसमें पुराने रिविजनल सर्वे में दर्ज खाता-खेसरा में वर्तमान में विभाजित भूखंडों की खानापूरी की जा रही है.
अधिकारियों के अनुसार यह काम तेजी से चल रहा है. खानापूरी पूरी होने के बाद तैयार अभिलेखों में जमीन के स्वामित्व और कब्जे से जुड़े विवरण दर्ज किए जाएंगे.
विशेष भूमि सर्वेक्षण में इसे अहम चरण माना जाता है. तैयार अभिलेखों के आधार पर आगे अधिकार अभिलेख तैयार किए जाएंगे.
बेतिया अंचल में क्यों नहीं हो रहा सर्वे?
बेतिया अंचल में फिलहाल विशेष भूमि सर्वेक्षण नहीं किया जा रहा है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश के अनुसार पहले चरण में नगर निकायों से जुड़े अंचलों में यह काम नहीं होना है.
ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वेक्षण पूरा होने के बाद नगर निकायों के लिए अलग से भूमि सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा. बेतिया में नगर निगम होने के कारण यहां फिलहाल यह प्रक्रिया नहीं चल रही है.
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1400 से अधिक गांवों में चल रहा सर्वे
बेतिया जिले के 1400 से अधिक गांवों में विशेष भूमि सर्वेक्षण का काम चल रहा है. जिन रैयतों ने अब तक जमीन से जुड़े जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए हैं, वे शिविर में दस्तावेज दे सकते हैं.
जिला बंदोबस्त पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने कहा कि सभी रैयतों को सर्वेक्षण को लेकर जागरूक रहने की जरूरत है. जिन लोगों ने जमीन के आवश्यक दस्तावेज अब तक नहीं दिए हैं, वे शिविर में जमा कर सकते हैं. दस्तावेजों को सर्वेक्षण रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा. यह प्रक्रिया संबंधित अंचलों में जारी है.
