Bihar Band: नीट पेपर लीक के विरोध में शनिवार को छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद के दौरान पूरे राज्य में भारी हंगामा देखने को मिला. प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया और राज्यभर से 423 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. पूरे दिन चले इस आंदोलन पर पुलिस मुख्यालय स्तर से पैनी नजर रखी गई और स्थिति का पल-पल का जायजा लिया जाता रहा.
सीवान में 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद
बिहार बंद के दौरान सीवान जिले में सबसे ज्यादा हिंसा और उपद्रव देखने को मिला. हालात को बिगड़ते देख और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह या आपत्तिजनक पोस्ट को फैलने से रोकने के लिए गृह विभाग ने बड़ा कदम उठाया है.
सीवान में 25 जुलाई की शाम 5:30 बजे से लेकर 26 जुलाई की शाम 5:30 बजे तक यानी पूरे 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है. यह सख्त फैसला सीवान के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस कप्तान (SP) की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है.
फेसबुक, व्हाट्सएप से यूट्यूब तक ठप
सीवान में लागू की गई इस पाबंदी के तहत फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सभी लोकप्रिय सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पूरी तरह से बंद रहेंगे. इसके साथ ही आम उपभोक्ताओं के इस्तेमाल में आने वाली सभी तरह की ब्रॉडबैंड कम्युनिकेशन सर्विसेज को भी बाधित कर दिया गया है.
आम जनजीवन और जरूरी कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए बैंकिंग, रेलवे और सरकारी इंटरनेट सेवाओं को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है, ताकि आवश्यक प्रशासनिक काम चलते रहें.
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मुजफ्फरपुर और औरंगाबाद में बहाल हुआ इंटरनेट
सीवान से पहले राज्य के मुजफ्फरपुर और औरंगाबाद जिलों के कुछ संवेदनशील इलाकों में भी उग्र प्रदर्शन के बाद इंटरनेट सेवाएं बंद की गई थीं. उन जिलों में हालात तेजी से सामान्य हो गए, जिसके बाद शुक्रवार देर रात ही वहां इंटरनेट पर लगी रोक को हटा लिया गया. फिलहाल पूरे बिहार में पुलिस मुख्यालय की टीम हर जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर सीधी निगरानी रख रही है और स्थिति पर पूरी तरह से नियंत्रण का दावा कर रही है.
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