बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सदन में कुर्सियां तक उछाली गयी. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी के विधायकों ने वेल में पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी. विधायक जहरीली शराब से मौत पर सदन में चर्चा कराने की मांग कर रहे थे. भारी हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही शुरू हुई. सदन में सबसे पहले आज प्रश्वकाल ही रखा गया था. ऐसे में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव अपने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े प्रश्व का उत्तर दे रहे थे. इस बीच बीजेपी विधायकों हाथों में कुर्सी उठा लिया. इसके साथ ही, सदन के अंदर और बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया. 19 मिनट की कार्यवाही के बाद सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया. इसके बाद जब सदन शुरू हुआ तो बीजेपी नेताओं ने फिर से भारी हंगामा किया और वॉकऑउट कर गए.
स्पीकर को भी विधायकों ने कुर्सी दिखायी
हंगामा कर रहे बीजेपी विधायकों ने अमर्यादित व्यवहार करते हुए. स्पीकर को भी कुर्सी दिखा दी. इसके बाद बीजेपी के विधायक सदन से वॉकऑउट कर गए. फिर सदन मार्च किया. बीजेपी लगातार नीतीश कुमार से इस्तीफा और सदन में छपरा में हुए मौतों को लेकर चर्चा कराने की मांग कर रही है. बाद में, नीतीश कुमार ने सदन को संबोधित किया. मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि बिहार में शराबबंदी किसी भी हाल में खत्म नहीं होने जा रही है. इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि जो लोग भी शराब पीकर मरेंगे राज्य सरकार उन्हें किसी हाल में मुआवजा नहीं देगी.
छपरा के बाद सीवान और बेगूसराय में भी शराब से मौत का शक
छपरा में जहरीले शराब से मौत का आकंड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. बताया जा रहा है कि अब तक 545 लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालों में एक महिला भी शामिल है. वहीं अब सीवान में भी पांच लोगों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आ रहा है. इसके साथ ही, बेगूसराय में एक व्यक्ति की मौत और एक व्यकित के गंभीर अवस्था में भर्ती होने की बात सामने आ रही है. परिवार के लोगों ने बताया कि शराब पीने के बाद ही, मृतक की तबीयत खराब हुई थी.
