Bihar Sand Mining: बिहार में बालू की किल्लत और कीमत को कम करने के लिए सरकार ने तैयारी तेज कर दी है. खान एवं भूतत्व विभाग जल्द ही राज्य में 161 नए बालू घाटों से खनन शुरू कराने की तैयारी में है. इन घाटों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.
नए घाटों के चालू होने से बाजार में बालू की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है. इससे निर्माण कार्यों में तेजी आएगी. साथ ही लोगों को उचित कीमत पर बालू मिलने की संभावना है.
161 नए घाटों से शुरू होगा बालू खनन
खान एवं भूतत्व विभाग के मुताबिक, अगले महीने करीब 161 नए घाटों से बालू का खनन शुरू हो सकता है. इनमें 107 पीला बालू और 54 उजला बालू के घाट शामिल हैं. इन सभी घाटों की बंदोबस्ती पहले ही पूरी की जा चुकी है. अब नदी से खनन पर लगी रोक खत्म होने का इंतजार है.
भोजपुर से जमुई तक शुरू होगा खनन
नए घाटों से बालू की आपूर्ति राज्य के कई हिस्सों में बढ़ेगी. मुख्य रूप से भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, पटना, गया और जमुई जिले में नए घाटों से खनन शुरू होने की संभावना है.
इन घाटों से बालू बाजार में आने के बाद निर्माण सामग्री की उपलब्धता बेहतर हो सकती है.
15 अक्टूबर के बाद खत्म होगी खनन पर रोक
बिहार में पर्यावरणीय नियमों के तहत हर साल मानसून के दौरान नदियों से बालू खनन बंद रहता है. फिलहाल भी नदियों से बालू निकालने पर रोक है.
नियम के मुताबिक, 15 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों में खनन नहीं किया जाता है. रोक की अवधि खत्म होने के बाद दोबारा खनन शुरू होगा.
इस बार नए बंदोबस्त किए गए घाट भी खनन के लिए उपलब्ध होंगे.
नए घाट खुलने के बाद कितने घाट होंगे चालू?
161 नए घाटों से खनन शुरू होने के बाद राज्य में बालू की सप्लाई बढ़ जाएगी.
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, नए घाट चालू होने के बाद करीब 311 पीला बालू घाट सक्रिय हो जाएंगे. वहीं 89 उजला बालू घाट से भी आपूर्ति शुरू हो जाएगी.
फिलहाल करीब 204 पीला बालू घाट और 35 उजला बालू घाट से खनन किया जा रहा है. यानी नए घाटों के चालू होने के बाद बालू की उपलब्धता में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है.
पीले बालू के 466 घाट किए गए हैं चिह्नित
खान एवं भूतत्व विभाग ने राज्य में पीले बालू के कुल 466 घाट चिह्नित किए हैं. इनमें से कई घाटों की बंदोबस्ती पूरी हो चुकी है.
वहीं, बाकी घाटों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है. सरकार ज्यादा से ज्यादा घाटों को नीलामी के जरिए खनन के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी में है.
उजले बालू के 541 घाट चिह्नित
उजले बालू के लिए राज्य में कुल 541 घाट चिह्नित किए गए हैं. इनमें करीब 452 घाटों की अभी नीलामी नहीं हुई है.
इन घाटों की नीलामी होने के बाद बालू की उपलब्धता और बढ़ सकती है. विभाग ने इस दिशा में जिलों को जरूरी निर्देश भी दिए हैं.
जिलाधिकारियों को नीलामी का निर्देश
खान एवं भूतत्व विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को अनीलामित बालू घाटों की नीलामी कराने का निर्देश दिया है.
विभाग का फोकस ज्यादा से ज्यादा घाटों की बंदोबस्ती पूरी करने पर है. इससे अवैध खनन पर रोक लगाने और बालू की वैध आपूर्ति बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.
निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार
बालू निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सामग्री है. इसकी उपलब्धता कम होने पर निर्माण लागत बढ़ जाती है. आम लोगों से लेकर बिल्डरों तक पर इसका असर पड़ता है.
ऐसे में नए घाटों से खनन शुरू होने के बाद बाजार में बालू की सप्लाई बढ़ने की उम्मीद है. इससे निर्माण कार्यों को गति मिल सकती है.
सरकार का लक्ष्य है कि पर्याप्त मात्रा में बालू उपलब्ध हो और लोगों को इसके लिए ज्यादा कीमत न चुकानी पड़े. नए घाटों की बंदोबस्ती इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
