सरेंडर के बाद गोली क्यों मारी? भरत तिवारी के एनकाउंटर पर कई भाजपा नेताओं का सवाल

Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के शाहपुर में हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर पर बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है. इस मामले में विपक्ष के साथ-साथ अब सत्ताधारी दल के बड़े नेताओं ने भी पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे सरेंडर के बाद की गई हत्या बताया है और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.

Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के रहने वाले भरत तिवारी के पुलिस एनकाउंटर को लेकर सवाल उठने का सिलसिला जारी है. इस घटना को लेकर विपक्ष तो सरकार पर हमलावर था ही, अब बिहार की सत्ता संभाल रहे गठबंधन के बड़े नेताओं ने भी अपनी ही पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है. बीजेपी के सीनियर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने पुलिस के इस एक्शन की कड़े शब्दों में निंदा की है और पूरे मामले की हाई-लेवल जांच कराने की मांग की है.

आत्मसमर्पण के बाद गोली मारने का आरोप

अश्विनी चौबे ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर इस एनकाउंटर को हृदय विदारक और लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला बताया है. उन्होंने दावा किया कि भरत भूषण तिवारी ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था. इसके बावजूद पुलिस ने उसे गोली मार दी, जो कि सरासर गलत है. चौबे ने इस मामले में देश के गृह मंत्री अमित शाह से दखल देने की अपील की है ताकि दोषी पुलिस अफसरों पर कड़ी कार्रवाई हो सके.

सोर्स- अश्‍व‍िनी चौबे का फेसबुक पोस्‍ट

मुख्यमंत्री से 48 घंटे में एक्शन लेने की मांग

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी गुहार लगाई है. उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिलती है, तो सुशासन का उदाहरण देते हुए 48 घंटे के भीतर उन पर सख्त एक्शन लिया जाए. चौबे का कहना है कि जब किसी युवक ने सरेंडर कर दिया था, तो उसे जेल भेजना चाहिए था और कानून के हिसाब से सजा मिलनी चाहिए थी, न कि सीधे गोली मार दी जाती. युवाओं को अपराध से दूर रखना सरकार का काम है, और ऐसी घटनाओं से न्याय प्रणाली पर लोगों का भरोसा उठता है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

विजय सिन्हा, शिक्षा मंत्री और जन सुराज भी एक्शन के खिलाफ

इस एनकाउंटर पर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी गहरी नाराजगी जताई है. उन्होंने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस को कोई भी कदम उठाने से पहले युवक के बैकग्राउंड और हालात को समझना चाहिए था. अगर कोई कार्रवाई जरूरी भी थी, तो वह कानून के दायरे में होनी चाहिए थी.

जन सुराज पार्टी के नेता किशोर कुमार ने भी सम्राट सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि बिहार में असली अपराधियों पर तो पुलिस का कोई बस नहीं चल रहा है, लेकिन आम और निर्दोष लोगों पर गोलियां चलाई जा रही हैं, जो बेहद चिंताजनक है.

भरत तिवारी एनकाउंटर पर मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि यह घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है. सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है. पुलिस की लापरवाही पर कार्रवाई भी हुई है. कोई निर्दोष व्यक्ति परेशान नहीं होगा. जो लोग लापरवाही करेंगे, वे बचेंगे नहीं.

चिराग पासवान की पार्टी ने भी उठाये सवाल

भरत तिवारी एनकाउंटर पर एलजेपी(रा) ने X पर लिखा, “भोजपुर के बिलौटी गांव में युवक भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मृत्यु अत्यंत दुःखद एवं चिंताजनक है. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करती है. इस घटना को लेकर जो गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं, उनका उत्तर पूरी पारदर्शिता से मिलना आवश्यक है.”

पोस्ट में आगे लिखा गया, “थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्मियों का निलंबन सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है, किंतु पीड़ित परिवार को न्याय तभी मिलेगा जब पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं समयबद्ध न्यायिक जांच सुनिश्चित हो. पार्टी का स्पष्ट मत है – कानून सर्वोपरि है. जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि कानून के प्रति जनविश्वास अटूट बना रहे.”

इसे भी पढ़ें: बिहार बुलेट ट्रेन पर बड़ा अपडेट, पटना से दिल्ली सिर्फ 4 घंटे 41 मिनट में, सिलीगुड़ी तक विस्तार की तैयारी

वाल्मीकिनगर में शुरू होगा हेली टूरिज्म, हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे पर्यटक, राजगीर-कैमूर से भी जुड़ेगा

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Paritosh shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >